दरद दिवाने बावरे अलमस्त फकीरा भजन

दरद दिवाने बावरे अलमस्त फकीरा भजन

दरद दिवाने बावरे,
अलमस्त फकीरा।
एक अकीदा लै रहे,
ऐसे मन धीरा।
प्रेमी पियाला पीवते,
बिदरे सब साथी।
आठ पहर यो झूमते,
ज्यों मात हाथी।
उनकी नजर न आवते,
कोइ राजा रंक।
बंधन तोड़े मोहके,
फिरते निहसंक।
साहेब मिल साहेब भये,
कछु रही न तमाई।
कहैं मलूक किस घर गये,
जहँ पवन न जाई।

दर्द दीवाने बावरे अलमस्त फकीरा | सन्त संदेश 25 | शब्द वाणी #Swami_Ramanand_Ji_Changwale #Guru_Bhajan

Title :- दर्द दीवाने बावरे अलमस्त फकीरा,dard dewane bawre | सन्त संदेश 25 | भजन शब्द वाणी
Album :- सन्त संदेश 25 ||
Language :- Dharmik Bhajan
Singer :- Swami Ramanand Changwale (स्वामी रामानंद जी महाराज चांग वाले)
Recorded By :- Gori Studio
Produced By :- Ramesh Lal 
Labal :- Cheeta Music 

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