मेरे गुरुवर तेरी महिमा गरिमा कैसे गाऊँ भजन

मेरे गुरुवर तेरी महिमा गरिमा कैसे गाऊँ भजन


मेरे गुरुवर, तेरी महिमा-गरिमा,
कैसे गाऊँ, कैसे ध्याऊँ,
ऊँची तेरी साधना।।

जीवन ऐसा जी कर दिखाया,
रत्नत्रय को मन में बसाया,
दर्शन तेरा आकर्षण देता,
निर्बल को भी संबल देता,
उत्तम थे, गुरु सर्वोत्तम थे,
ये मैंने नहीं, सबने देखा,
जो कहा करते थे,
उन्हें वही करना,
कैसे गाऊँ, कैसे ध्याऊँ,
ऊँची तेरी साधना।।

सरल था जीवन, चिंतन ऊँचा,
समता भावों से सबको खींचा,
उनके लिए न कोई ऊँचा-नीचा,
मसीहा गुरुवर जन-जन के थे,
तब ही कायल थे सब नर-नारी,
शांत रहे थे,
चाहे महावेदना,
कैसे गाऊँ, कैसे ध्याऊँ,
ऊँची तेरी साधना।।

चरणों में गुरुवर के, वंदन हमारा,
आज है जो भी, वो सब तुम्हारा,
तुझ-सा संयमित हो, संयम हमारा,
तेरे नक्शे-कदम पर चल करके,
पाना वो अक्षय पद पावन,
गुरु प्रेमसुख की,
राह पे चलना,
कैसे गाऊँ, कैसे ध्याऊँ,
ऊँची तेरी साधना।।

मेरे गुरुवर, तेरी महिमा-गरिमा,
कैसे गाऊँ, कैसे ध्याऊँ,
ऊँची तेरी साधना।।


मेरे गुरुवर तेरी महिमा | | Satyam Song Production 

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गुरु प्रेमसुख – शिव – रविन्द्र – रमणीक – उपेन्द्र – राजेश गुरूभ्यो नमः
पावन प्रेरणा: सर्वधर्म दिवाकर पूज्य गुरुदेव श्री अनुपम मुनि जी म./मधुर कथाकार श्री अमृत मुनि जी म./बालसंत श्री अतिशय मुनि जी म.
 
गुरु का जीवन केवल उपदेशों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनके प्रत्येक आचरण में सत्य, संयम और आत्मकल्याण का दिव्य संदेश झलकता है। उनके सान्निध्य में बैठकर मन को ऐसी शांति और स्थिरता का अनुभव होता है, जो संसार के किसी वैभव से प्राप्त नहीं हो सकती। उनका व्यक्तित्व प्रेरणा का ऐसा दीपक बन जाता है, जो भटके हुए जीवन को सही दिशा दिखाता है। उनके समान सरलता, समता और करुणा का भाव अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। गुरु किसी के साथ भेदभाव नहीं करते, बल्कि हर हृदय में समान प्रेम और आत्मीयता का संचार करते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी उनका धैर्य और शांत स्वभाव यह सिखाता है कि आत्मबल ही सबसे बड़ी शक्ति है। उनके चरणों में समर्पण करने से मन में संयम, विनम्रता और सदाचार के संस्कार जागृत होते हैं। जीवन की प्रत्येक सफलता और आध्यात्मिक उन्नति गुरु की कृपा का ही प्रसाद प्रतीत होती है। यही प्रार्थना रहती है कि उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए जीवन पवित्र, सार्थक और लोककल्याणकारी बन सके। 
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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