श्याम मैनु चरना दा रखलो सेवादार भजन
श्याम मैनु चरना दा रखलो सेवादार भजन
श्याम मैनु चरना दा,रखलो सेवादार,
तेरे दर ते करा चाकरी,
आखो इक बार,
श्याम मैनु चरना दा,
रखलो सेवादार।
नित उठ के इशनान करावा,
तरह तरह दे भोग लगावा,
रोज मैं तेरा दर्शन पावा,
मिल जाये तेरा प्यार,
श्याम मैनु चरना दा,
रखलो सेवादार।
नौकर बनके कोल खलोवा,
तेतो दूर कदे ना होवा,
तेरे दर दा करा मैं पहरा,
बनके पहरेदार,
श्याम मैनु चरना दा,
रखलो सेवादार।
श्याम मैनु चरना दा,
रखलो सेवादार,
तेरे दर ते करा चाकरी,
आखो इक बार,
श्याम मैनु चरना दा,
रखलो सेवादार।
मईया जी मैनूं चरणां दा रखलो सेवादार गुरु मंडली भजन कीर्तन
श्याम के चरणों का सेवादार बनना हो तो नित उठ इश्नान कराओ, भोग लगाओ तरह-तरह के। रोज़ दर्शन पाओ, प्यार मिले उनका। नौकर बन कोल खेलो, दूर कभी न होवे। दर का पहरा करो बनके पहरेदार, हर पल साथ निभाओ। साधकों को इश्वर का आशीर्वाद ऐसी सेवा से मिलता है, जैसे घर का अपना सदस्य हो जाए। चाकरी माँगते हैं दर से, बस एक नज़र का इंतज़ार। दिल की पुकार ये है, जो बाँध लेती है बंधन में।
तेरे चरणों में रख लो सेवादार, चाकरी करा दो दर पर। प्रेम की ये चाह हर दुख हर लेती है, सुकून बिखेर देती है। जीवन भर का साथ माँगते हैं, बस वो एक बार आह्वान। जैसे कोई बच्चा माँ की गोद माँगे, वैसे मन लिपट जाता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री श्याम जी! जय श्री कृष्ण जी!
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