कबीर सब जग निर्धना धनवंता मीनिंग
कबीर सब जग निर्धना धनवंता हिंदी मीनिंग
कबीर सब जग निर्धना, धनवंता नहिं कोय,
धनवंता सोई जानिए, नाम रतन धन होय।
धनवंता सोई जानिए, नाम रतन धन होय।
or
कबीर, सब जग निर्धना, धनवंता ना कोय।
धनवंता सो जानिये, जा पै राम नाम धन होय।।
धनवंता सो जानिये, जा पै राम नाम धन होय।।
Kabir Sab Jag Nirdhana Dhanwanta Nahi Koy,
Dhanvata Soi Janiye, Ram Ratan Dhan Hoy.
हिंदी अर्थ : कबीर साहेब की वाणी है की बिना राम नाम के धन के समस्त जगत निर्धन है। जगत के प्राणी जिसे धन दौलत और संपत्ति मानते हैं वह वास्तविक धन नहीं है। वास्तविक धन दौलत तो हरी का नाम है। उसे ही धनवान मानना चाहिए जिसके पास राम नाम जप रूपी खजाना है। जीवन का असल धन तो राम रस ही है। यह दोहा बताता है कि दुनिया में सभी लोग निर्धन दिख सकते हैं, यानी वे सामाजिक और मामूली संपत्ति से वंचित हो सकते हैं। लेकिन जो व्यक्ति परमात्मा के नाम के साथ संपन्न है, वही सच्चा धनवान है। उसको हमेशा धनवान मानना चाहिए, क्योंकि उसके पास प्रेम, शांति, संतोष, आनंद और आत्मिक समृद्धि है। इस प्रकार, भगवान के नाम की धनी परत्याशा किया जाता है।
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Author - Saroj Jangir
दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं कबीर के दोहों को अर्थ सहित, कबीर भजन, आदि को सांझा करती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें। |
