तेरा दरबार सजाया री मेरी मात भजन
तेरा दरबार सजाया री मेरी मात कालका आजा भजन
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा,
मेरी मात कालका आजा री,
मेरी शेरों वाली आजा।।
आज अगर तू ना आई तो,
होवे जगत हँसाई,
यो सारी दुनिया ताने मारे,
झूठी से तेरी माई,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
पान बतासे, लौंग सुपारी,
भेंट तेरी माँ लाए,
आकर भोग लगा मेरी मैया,
ये अरदास है लाए,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
कोड़ी कोड़ी जोड़ के मैया,
तेरा जागरण रचाया,
कर ले री स्वीकार माँ अम्बे,
मन में घणा उमंगाया,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
सुरेन्द्र सिंह निठौरा वाला,
गुण तेरा माँ गावे,
महर करेगी महरा वाली,
घर घर अलख जगावे,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा,
मेरी मात कालका आजा री,
मेरी शेरों वाली आजा।।
मेरी मात कालका आजा,
मेरी मात कालका आजा री,
मेरी शेरों वाली आजा।।
आज अगर तू ना आई तो,
होवे जगत हँसाई,
यो सारी दुनिया ताने मारे,
झूठी से तेरी माई,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
पान बतासे, लौंग सुपारी,
भेंट तेरी माँ लाए,
आकर भोग लगा मेरी मैया,
ये अरदास है लाए,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
कोड़ी कोड़ी जोड़ के मैया,
तेरा जागरण रचाया,
कर ले री स्वीकार माँ अम्बे,
मन में घणा उमंगाया,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
सुरेन्द्र सिंह निठौरा वाला,
गुण तेरा माँ गावे,
महर करेगी महरा वाली,
घर घर अलख जगावे,
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा।।
तेरा दरबार सजाया री,
मेरी मात कालका आजा,
मेरी मात कालका आजा री,
मेरी शेरों वाली आजा।।
दूसरा नवरात्रि का बहूत प्यारा भजन | Meri Maat Kalka Aaja Ri | मेरी मात कालका आजा री | Surender Singh
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माँ कालका का दरबार सजाया हुआ है। थाल में पान, बतासे, लौंग और सुपारी सजी है। दीये जल रहे हैं, फूलों की महक फैली हुई है और जागरण की तैयारी पूरी है। सब इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन अगर आज माँ न आईं तो सारी दुनिया ताने मारने लगेगी। इसलिए मन से बार-बार पुकार उठती है – मेरी शेरों वाली, बस आजा।
कोड़ी-कोड़ी जोड़कर जागरण रचा है। मन में घणी उमंग है। अरदास लेकर खड़े हैं कि माँ आकर भोग लगाएँ, स्वीकार करें और घर-घर में अपना अलख जगाएँ। जैसे पुराने समय में माँ दुर्गा ने अपने भक्तों की पुकार सुनकर सिंह पर सवार होकर दर्शन दिए, वैसे ही आज भी वे अपनी मेहर से सबको संभाल लेती हैं। एक बार दर्शन हो जाएँ तो सारा जग हँसाई मिट जाए, मन हल्का हो जाए और दिल भर आए।
नवरात्रि के दूसरे दिन माँ की भक्ति में डूब जाने के लिए प्रस्तुत है यह सुंदर भजन
“मेरी मात कालका आजा री” — जो हर भक्त के दिल को श्रद्धा और विश्वास से भर देता है।
यह भजन समर्पित है माँ Kalka Mata, जो अपने भक्तों की हर पुकार सुनती हैं और उन पर कृपा बरसाती हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन इस भजन को सुनकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।
इस भावपूर्ण भजन को अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है 🎤
Surender Singh Nithora
यह भजन खास तौर पर Navratri 2026 के दूसरे दिन के लिए एकदम उपयुक्त है और हर भक्त के मन में भक्ति का संचार करता है।
“मेरी मात कालका आजा री” — जो हर भक्त के दिल को श्रद्धा और विश्वास से भर देता है।
यह भजन समर्पित है माँ Kalka Mata, जो अपने भक्तों की हर पुकार सुनती हैं और उन पर कृपा बरसाती हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन इस भजन को सुनकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।
इस भावपूर्ण भजन को अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है 🎤
Surender Singh Nithora
यह भजन खास तौर पर Navratri 2026 के दूसरे दिन के लिए एकदम उपयुक्त है और हर भक्त के मन में भक्ति का संचार करता है।
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