ग्यारस की रात फिर आयी रे भजन

ग्यारस की रात फिर आयी रे भजन


ग्यारस की रात फिर आई रे,
कीर्तन की रात फिर आई रे।
श्याम मिलन हो रहा,
मेरे मन की कली मुस्काई रे।
ग्यारस की रात फिर आई रे,
श्याम मिलन हो रहा है,
मेरे मन की कली मुस्काई रे।

मिलती नज़र तो दिल है उछलता,
झुकती ना पलकें, मनवा ना भरता।
बाबा की जयकार गूंजे गगन में,
दर्शन तेरा सारे दुखड़े है हरता।
श्याम मिलन हो रहा है,
मेरे मन की कली मुस्काई रे,
ग्यारस की रात फिर आई रे।

जाने क्या जादू करता सांवरिया,
देखन वाला होता बावरिया।
जी करता है वापस ना जाए,
जाए तो बाबा को ले आए।
श्याम मिलन हो रहा है,
मेरे मन की कली मुस्काई रे,
ग्यारस की रात फिर आई रे।

आते जो खाटू में प्रेमी दीवाने,
ले जाते वो मनचाहे खज़ाने।
बाबा भी भक्तों का आशिक पुराना,
‘चौखानी’ आया है इनको रिझाने।
श्याम मिलन हो रहा है,
मेरे मन की कली मुस्काई रे,
ग्यारस की रात फिर आई रे।

ग्यारस की रात फिर आई रे,
कीर्तन की रात फिर आई रे।
श्याम मिलन हो रहा,
मेरे मन की कली मुस्काई रे।
ग्यारस की रात फिर आई रे,
श्याम मिलन हो रहा है,
मेरे मन की कली मुस्काई रे।


Ekadashi Bhajan | ग्यारस की रात फिर आयी रे | Shyam Bhajan | Gyaras Ki Raat Fir Aayi Re | Sunny Kumar

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।


ग्यारस की रात का आलम ऐसा है कि खाटूधाम में भक्ति की लहरें हिलोरें ले रही हैं। श्याम के मिलन की आस में मन की हर कली खिल उठती है, जैसे सारी दुनिया का सुख उस एक पल में समा गया हो। उनकी एक नजर पाते ही दिल उछल पड़ता है, और आँखें उनकी छवि से हटने को तैयार नहीं। गगन में उनकी जयकार गूँजती है, और उनका दर्शन हर दुख को हर लेता है। सांवरिया का जादू ऐसा है कि देखने वाला बावरा हो जाता है, मन करता है कि खाटू की इस पवित्र भूमि को छोड़कर कभी न जाएँ, और अगर जाएँ तो श्याम को साथ ले जाएँ। कीर्तन की धुन में डूबकर मन उनके रंग में रंग जाता है, और हर भक्त उनके प्रेम में डूबकर अनमोल खजाना पा लेता है।

श्याम बाबा, हमारे प्यारे सांवरिया, हिंदू धर्म में भक्ति और प्रेम के प्रतीक हैं। खाटूवाले के रूप में वे हर भक्त के मन में बसे हैं, जिनका दर्शन जीवन को प्रकाश से भर देता है। उनकी कृपा ऐसी है कि जो भी उनके दर पर सच्चे मन से आता है, वह मनचाहा वरदान लेकर लौटता है। ‘चौखानी’ जैसे भक्त उनकी भक्ति में डूबकर उन्हें रिझाने का हर प्रयास करते हैं, और बाबा भी अपने भक्तों के पुराने आशिक हैं, जो हर पुकार को सुनते हैं। उनकी लीलाएँ अनंत हैं, और उनकी शरण में हर संकट मिट जाता है। हम भक्तों के लिए वे वह दयालु ठाकुर हैं, जिनके चरणों में सिर झुकाकर जीवन धन्य हो जाता है, और उनकी भक्ति में डूबकर आत्मा को सच्चा सुकून मिलता है।

यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post