कहां से हर लाए स्वामी सुघड़ नार तपसी

कहां से हर लाए स्वामी सुघड़ नार तपसी की

कहां से हर लाए स्वामी,
सुघड़ नार तपसी की,
कहां से हर लाए स्वामी,
सुघड़ नार तपसी की।

पंचवटी से लंका में आए,
यहीं पर रहो रानी,
स्वामी सुघड़ नार तपसी की।

किसकी बहू है किसकी बेटी,
किसकी घरवाली स्वामी,
सुघड़ नार तपसी की।

दशरथ की बहू,
जनक की बेटी,
राम की है घरवाली रानी,
सुघड़ नार तपसी की।

किसने कहि है किसके कारण,
काहे को हर लाए स्वामी,
सुघड़ नार तपसी की।

मेरी बहन को मान घटाया,
जाहि ते हर लाए रानी,
सुघड़ नार तपसी की।

श्रीराम है अंतर्यामी,
तीन लोक के हैं वह स्वामी,
वापस कर आओ स्वामी,
सुघड़ नार तपसी की।
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