नैनन में श्याम समाए गयो भजन
नैनन में श्याम समाए गयो भजन
नैनन में श्याम समाए गयो,मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो।
लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे,
मोरे कैल गरारे भाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो,
नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो।
पागल को प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भये है जाके सब ग्वाला,
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गायो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो,
नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे,
मोरे कैल गरारे भाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो,
नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो।
पागल को प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भये है जाके सब ग्वाला,
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गायो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो,
नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
नैनन में श्याम समाए गयो | Janmashtami Special bhajan| Nainan mein Shyam |Sanatana Sankirtan
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