खाले रे कन्हैया लाई माखन मिश्री घोल
खाले रे कन्हैया,
लाई माखन मिश्री घोल,
खाले खाले रे कन्हैया,
लाई माखन मिश्री घोल।
ताजा ताजा माखन लाई,
लाई दही घमोल,
और देश में क्या ले आई,
रसगुल्ला गोल गोल।
दूध और जलेबी लाई,
लाई केसर घोल,
आलू के पकोड़े लाई,
मत कर टालम टोल।
सास ननंद के तने लाई,
लाई माखन चोर,
अगर किसी ने देख लिया तो,
खुल जाएगी पोल।
देखो जी मैं बैठ जाउंगी,
घर को हो जाऊं गोल,
राधा जी से करूं शिकायत,
छुप जाओ चांद चकोर।
New Bhajan 2023 Lyrics in Hindi