वृन्दावन के ओ बांके बिहारी भजन

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी भजन

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी।।

हम तुम्हारे पराये नहीं हैं,
गैर के दर पे आये नहीं है,
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हम से परदा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी।

हरिदास के राज दुलारे,
नन्द यशोदा की आँखों के तारे,
राधा जू के सांवरे गिरधारी,
राधा जू के सांवरे गिरधारी,
हम से परदा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी।

बंद कमरों में रुक ना सकोगे,
लाख पर्दो में छुप ना सकोगे,
तुमको हर ओर हम है व्यापारी,
तुमको हर ओर हम है व्यापारी,
हम से परदा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी।

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हम से परदा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी।
 

Vindravan Ke O Banke Bihari _ Sanjay Mittal _ Hit Krishna Bhajan _ 2016 _ Saawariya Music

 
श्री कृष्णा जी को बांके बिहारी इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे ब्रज की गलियों में घूमते थे और गोपियों के साथ प्रेमालाप करते थे। वे अपने रूप, सौंदर्य और आकर्षण से सभी को मोहित कर लेते थे। बांके का अर्थ है "चपल" या "चंचल", और बिहारी का अर्थ है "बिहार का रहने वाला"। अतः, बांके बिहारी का अर्थ है "बिहार का चपल रहने वाला"।
 
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