वाटाँ लमियाँ ते रस्ता पहाड़ दा भजन

वाटाँ लमियाँ ते रस्ता पहाड़ दा भजन

  वाटाँ लमियाँ ते रस्ता पहाड़ दा,
तुरे जांदे गुरा दे दो लाल जी,
सरसा नदी दे विछोडा पै गया,
उस वेले दा सुन लवो हाल जी।

रात हनेरी बिजली लिश्के,
राह जंगला दे पै गये ने,
रेशम नालो सोहल शरीर नु,
दुखड़े सहने पे गाये ने,
छोटी उमर दे दोनों बाल जी,
माता गुजरी ओना दे नाल जी,
सरसा नदी दे विछोडा पै गया,
उस वेले दा सुन लवो हाल जी।

कहर दी सर्दी हडियाँ चीरे,
बाल न्याने कंब्दे ने,
ऊँगली फड के माँ गुजारी दी,
राह पत्थरा दे लंगदे ने,
कदों अजीत ते जुझार वीरे आनगे,
माता गुजारी नु पुछदे सवाल जी,
सरसा नदी दे विछोडा पै गया,
उस वेले दा सुन लवो हाल जी।

उम्र न्यानी दो बच्या दी,
इक माँ भूदडी साथ करे,
बेदोषे एना निर्दोषा दा,
कौन है जो इन्साफ करे,
कैसी होनी ने खेड़ी चाल जी,
गंगू पापी ओना दे नाल जी,
सरसा नदी दे विछोडा पै गया,
उस वेले दा सुन लवो हाल जी।

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