हर हाल में खुश रहना संतों से सीख जाए भजन
हर हाल में खुश रहना संतों से सीख जाए भजन
हर हाल में खुश रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
सुख दुख में हँसना रोना,
है काम कायरों का,
दोनों में मुस्कुराना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
झंझट से भाग जाना,
सब लोग बताते हैं,
झंझट से बच के रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
मरने के बाद मुक्ति,
सब लोग बताते हैं,
जीते जी मुक्त रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
दुनिया के लोग दौलत,
पाकर के मुस्कुराते,
पर भिक्षु बन के रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
हर हाल में खुश रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
सुख दुख में हँसना रोना,
है काम कायरों का,
दोनों में मुस्कुराना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
झंझट से भाग जाना,
सब लोग बताते हैं,
झंझट से बच के रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
मरने के बाद मुक्ति,
सब लोग बताते हैं,
जीते जी मुक्त रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
दुनिया के लोग दौलत,
पाकर के मुस्कुराते,
पर भिक्षु बन के रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
हर हाल में खुश रहना,
संतों से सीख जाए,
महफ़िल में जुदा रहना,
संतों से सीख जाए।
हर हाल में खुश रहना संतों से सीख जाएं। राजन जी महाराज - Pujya Rajan Jee संपर्क सूत्र - +919831877060
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
हर हाल में खुश रहना पड़ता है, सुख दुख दोनों में मुस्कुराना आता है। झंझटों से भागने के बजाय बचकर रहना सीखना चाहिए, जीते जी ही मुक्ति का स्वाद चखना संभव होता है। दुनिया दौलत पाकर मुस्कुराती है लेकिन भिक्षु बनकर वैराग्य अपनाना श्रेयस्कर है। महफिल में जुदा रहकर संतों का मार्ग ग्रहण करना उचित है।
हे संत परमात्मा, तुम्हारी कृपा से हर हाल में आनंद मिलता है, जीते जी मुक्ति प्रदान होती है। तुम्हारे भक्त सुख दुख में समान रहते हैं, झंझटों से ऊपर उठ जाते हैं, भिक्षु वृत्ति अपनाकर दौलत के मोह से मुक्त हो जाते हैं।
हे संत परमात्मा, तुम्हारी कृपा से हर हाल में आनंद मिलता है, जीते जी मुक्ति प्रदान होती है। तुम्हारे भक्त सुख दुख में समान रहते हैं, झंझटों से ऊपर उठ जाते हैं, भिक्षु वृत्ति अपनाकर दौलत के मोह से मुक्त हो जाते हैं।
A Beautiful Bhajan Written By Pujya Gitanand Ji Maharaj (Bhikchhu Ji). Sung By Pujya Rajan Ji In Sri Ramkatha Held In Ballia In 2018. Don't forget to LIKE, COMMENT & SHARE this video.
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
