एक बार दिल से गुरु के दर पे आइये जैन भजन

एक बार दिल से गुरु के दर पे आइये जैन भजन


एक बार दिल से गुरु के दर पे आइए,
अपने सारे गम-गुमान भूल जाइए।

तू तो प्यारे कितना खुशनसीब है,
कुन्दकुन्द से तुझे है गुरु मिला,
गुरु के द्वय चरण में तू शरण बना,
तेरे मन में ज्ञानदीप फिर जला,
छोड़ के मायूसियाँ बस मुस्कुराइए,
अपने सारे गम-गुमान भूल जाइए।

छोड़ राग गुरु के संग चले चलो,
तुम भी मोक्षमार्ग के पथिक बनो,
गर अनंत सुख की जो है कामना,
एक वीतराग के रसिक बनो,
गुरु का हाथ थाम के बस चलते जाइए,
अपने सारे गम-गुमान भूल जाइए।

एक बार दिल से गुरु के दर पे आइए,
अपने सारे गम-गुमान भूल जाइए।



एक बार दिल से गुरु के दर पे आइये | Kundalpur Mahamahotsav 2022 Song | Jain Bhajan | Jain Guru Bhajan

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Lyrics, Music, Voice, Video : Dr. Rajeev Jain, Chandigarh (8136086301)
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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