ना माने रे माता महाकाली

ना माने रे माता महाकाली भजन


ना माने रे माता महाकाली भजन

झटकाये लट काली काली,
लम्बे लम्बे कदम बड़ा ली,
खून से खप्पर को भर ढाली,
ना माने रे माता महाकाली।

इक हाथ में खड़ग लिये,
माँ दूजे हाथ में है तलवार,
रक्त बीज के शीश काट ली,
चंडी करती वार पे वार,
इक बूंद ना गिरी जमीन पर,
खून दुष्टों का पी डाली,
ना माने रे माता महाकाली।

आँखों से चिंगारी छोड़े,
मुख से माँ छोड़े ज्वाला,
क्रोध भयंकर है काली का,
दूर हटे आने वाला,
सुनो युद्ध की इस भूमि पर,
खून से छाई है लाली,
ना माने रे माता महाकाली।

शांत हुई ना जब रण चंडी,
मचा हुआ था हाहाकार,
तब काली का क्रोध मिटाने,
आये निर्जन शिव त्रिपुरार,
पाँव पड़ा जब शिव जी के,
ऊपर जीभ चंडिका ने निकाली,
ना माने रे माता महाकाली।



Na Mane Na Mane Re Mata Mahakali - न माने न माने रे माता महाकाली || Shahnaz Akhtar || HD Vodeo Song

लहराती जटाएँ और गगन को छूते उनके कदम, केवल रूपक नहीं — यह उस शक्ति का प्रतीक हैं जो असत्य और अत्याचार को मिटाने के लिए स्वयं प्रकृति से भी ऊपर उठ जाती है। जब वह खप्पर में रक्त भरती हैं, तो वह क्रोध नहीं, सृष्टि के संतुलन की प्रक्रिया है — दुष्टों के अंत में लोक की शुद्धि छिपी है। काली का “ना मानना” यहाँ अहंकार नहीं, बल्कि यह संकेत है कि जब अधर्म सीमा लाँघ दे, तब करुणा भी अग्नि बन जाती है।
 
Song : Na Mane Na Mane Re Mata Mahakali
Singer : Shahnaz Akhtar
Lyricist- Niranjan Sen
Music : Azaj Khan
Cameraman : Mohan Sahu
Graphics : Sushil Yadav
Editor : Manish Verma
DIrector : Mohan Sundrani
 
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