कुर्ती है म्हारी रेशम की राजस्थानी सोंग
कुर्ती है म्हारी रेशम की राजस्थानी सोंग
चांदी की आ झांझर म्हारी,
चुडलो लाखा को,
हिवड़ा प यो तीर चलावे,
काजल आंख्या को,
ओ महारो काजल आँख्या को।
ओ म्हारो लहरियो,
ओ म्हारो लहरियों सतरंगी गोटेदार,
कुर्ती है म्हारी रेशम की,
ओ म्हारो लहरियों सतरंगी गोटेदार,
कुर्ती है म्हारी रेशम की।
जद चालु म्हारी पायल बाजे,
जद चालु म्हारी पायल बाजे,
बिछिया शोर मचाए,
जद चालु म्हारी पायल बाजे,
बिछिया शोर मचाए,
मैं तो चालुली,
ओ मैं तो चालुली,
आँख्या म काजल घाल,
कुर्ती ह म्हारी रेशम की,
ओ म्हारो लहरियों सतरंगी गोटेदार,
कुर्ती ह म्हारी रेशम की।
म्हारा साजन मुछ्या आल्या,
म्हारा साजन मुछ्या आल्या,
म नखरा री नार,
म्हारा साजन मुछ्या आल्या,
म नखरा री नार,
म्हारा हाथा म,
ओ म्हारा हाथा म यो,
चुड़लो खणकेदार,
कुर्ती ह म्हारी रेशम की,
ओ म्हारो लहरियों सतरंगी गोटेदार,
कुर्ती ह म्हारी रेशम की,
ओ म्हारो लहरियों सतरंगी गोटेदार,
कुर्ती ह म्हारी रेशम की।
KURTI RESHAM KI Ghoomar Dance By Minakshi Rathore | Milan | R Singodiya | Nizam Khan #ghoomardance
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मिनाक्षी राठौड़ (Minakshi Rathore) द्वारा गाया गया यह गाना राजस्थानी संस्कृति की रंगीन छवि पेश करता है। इसमें एक नखरेली राजस्थानी नारी अपनी चांदी की झांझर, लाखों की चूड़ियों, काजल भरी आँखों, सतरंगी लहरिया गोटेदार रेशमी कुर्ती, खनकती पायल और बिछिया की शोर से सजकर अपने साजन के आने पर नाचती-घूमती हुई नखरा दिखाती है। गीत की धुन और बोल पूरी तरह घूमर डांस के साथ मेल खाते हैं, जो राजस्थान की शादियों, त्योहारों और मेलों में बहुत लोकप्रिय है।
चांदी की झांझर पहने, लाखों की चूड़ियाँ खनकाती, हृदय पर तीर-सा असर डालने वाली काजल भरी आँखों वाली मेरी नार, जब चलती है तो पायल बजती है और बिछिया शोर मचाती है। ओ मेरे लहरियों सतरंगी गोटेदार, रेशम की कुर्ती पहने वह नखरा री नार, हाथों में खणकेदार चूड़ियाँ लेकर साजन के आने पर घूम-घूम कर नाचती है, अपनी रेशमी कुर्ती और रंग-बिरंगे आँचल की महक बिखेरती हुई।
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