माटी का तन तेरा बंदे मैं हूँ तेरे श्वास में

माटी का तन तेरा बंदे मैं हूँ तेरे श्वास में

माटी का तन तेरा बंदे,
मैं हूँ तेरे श्वास में,
मैं धूप में, मैं छांव में,
मैं हूँ भक्तों के आस में।
माटी का तन तेरा बंदे,
मैं हूँ तेरे श्वास में।।

जड़-चेतन के सब रूपों में,
रहता हूँ बारहों मास में,
सुख में, खुशियाँ, दुःख में ग़म,
साईं है तेरे पास में।
माटी का तन तेरा बंदे,
मैं हूँ तेरे श्वास में।।

सर जो टेके मेरे दर पे,
आ के शिरडी आवास में,
भक्तों की चिंता पल में मिटाकर,
पीड़ा का करता हूँ नाश मैं।
माटी का तन तेरा बंदे,
मैं हूँ तेरे श्वास में।।

ग्यारह वचनों में अमृत है,
प्राण ये फूंके लाश में,
मुझको ध्यायें, वो ही सुख पाये,
ले ले मोहे विश्वास में।
माटी का तन तेरा बंदे,
मैं हूँ तेरे श्वास में।।

माटी का तन तेरा बंदे,
मैं हूँ तेरे श्वास में,
मैं धूप में, मैं छांव में,
मैं हूँ भक्तों के आस में।
माटी का तन तेरा बंदे,
मैं हूँ तेरे श्वास में।।


Mati Ka Tan Tera Bande | Sai Baba New Bhajan |Usha Mangeshkar|Guruvar SpecialBhajan|Baba Aarti Songs

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About Bhajan -

Song Name: Mati Ka Tan Tere Bande
Singer: Usha Mangeshkar 
Music Director: C. Laxmichand
Album: Sai Malik
Lyrics: Barath Acharya

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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