तुमको पाया तो ये निखार आया

तुमको पाया तो ये निखार आया

तुमको पाया तो ये निखार आया

तुमको पाया,
तो ये निखार आया।
टूटे दिल को,
मेरे करार आया।
तुमको पाया,
तो ये निखार आया…।

ना ही नरसी,
ना ही सुदामा मैं,
फिर भी क्यों बनकर,
तू मेरा यार आया।
टूटे दिल को,
मेरे करार आया।
तुमको पाया,
तो ये निखार आया…।

गलतियों का,
मैं एक पुलिंदा हूँ,
फिर भी क्यों तुझको,
मुझपे प्यार आया।
टूटे दिल को,
मेरे करार आया।
तुमको पाया,
तो ये निखार आया…।

अब तो एक बात,
मेरे आई समझ,
तू मिला उसको,
जो भी हार आया।
टूटे दिल को,
मेरे करार आया।
तुमको पाया,
तो ये निखार आया…।

‘श्याम’ को डर,
नहीं है पतझड़ से,
बनके जीवन में,
तू बहार आया।
टूटे दिल को,
मेरे करार आया।
तुमको पाया,
तो ये निखार आया…।


Tumko Paaya by Shubham Rupam | Bhajans Unplugged - Episode 2 | Janmashtmi Special

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तुम्हें पाकर जीवन में एक नई चमक, नई ताजगी और सुकून आ गया है। पहले दिल टूटा हुआ था, मन बेचैन था, लेकिन तुम्हारे मिल जाने से सब कुछ बदल गया—मन को करार और आत्मा को शांति मिल गई। न मैं नरसी जैसा महान भक्त हूँ, न सुदामा जैसा निष्कलंक मित्र, फिर भी न जाने क्यों तुमने मुझे अपना बना लिया, मुझ पर इतना प्यार लुटा दिया। अपनी गलतियों और कमियों के बावजूद तुम्हारा स्नेह और अपनापन पाकर लगता है कि तुम सचमुच हारने वालों को भी गले लगा लेते हो। अब समझ आया कि जो भी जीवन में हार जाता है, उसे अगर तुम्हारा साथ मिल जाए तो उसका जीवन भी निखर जाता है। श्याम को पतझड़ का डर नहीं, क्योंकि जब वह जीवन में आता है तो हर मौसम को बहार बना देता है। तुम्हारे मिलने से टूटा दिल भी खिल उठा, और जीवन में एक नई रोशनी और उम्मीद जाग गई।

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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