मारी गत मिलती देह के दाग लगायो तेजाजी लावणी
मारी गत मिलती देह के दाग लगायो तेजाजी लावणी
मारी गत मिलती,
देह के दाग लगायो,
सुन सावंत सुरा,
हाथ थारे कई आयो।।
थारी बचगी सुंदर जान,
करे मत चाला,
गुण करता अवगुण,
मान वासक काला।।
थारे रास्ते चलते,
या कई मन में आई,
मारी होती मांस,
आके जून भुगताई।।
म्हारी लगी बदन में आग,
तो सही नहीं जाए,
थे करयो कितनो बड़ो अन्याय,
समझ में ना आई।।
तुझे जलता देख अग्नि में,
दया मन में आई,
भाला की आनी मू,
लेके जान बचाई।।
मारी पेट गस्ती,
जून में दुखड़ा पायो,
मारे मनड़ा में आवे रिस,
सयों नी जावे।।
थारी चोटी पे चढ़ ने,
बटको भरूं थारे,
सुन सावंत सुरा,
मनड़ा में रिस घणी आवे।।
मारी गत मिलती,
देह के दाग लगायो,
सुन सावंत सुरा,
हाथ थारे कई आयो।।
देह के दाग लगायो,
सुन सावंत सुरा,
हाथ थारे कई आयो।।
थारी बचगी सुंदर जान,
करे मत चाला,
गुण करता अवगुण,
मान वासक काला।।
थारे रास्ते चलते,
या कई मन में आई,
मारी होती मांस,
आके जून भुगताई।।
म्हारी लगी बदन में आग,
तो सही नहीं जाए,
थे करयो कितनो बड़ो अन्याय,
समझ में ना आई।।
तुझे जलता देख अग्नि में,
दया मन में आई,
भाला की आनी मू,
लेके जान बचाई।।
मारी पेट गस्ती,
जून में दुखड़ा पायो,
मारे मनड़ा में आवे रिस,
सयों नी जावे।।
थारी चोटी पे चढ़ ने,
बटको भरूं थारे,
सुन सावंत सुरा,
मनड़ा में रिस घणी आवे।।
मारी गत मिलती,
देह के दाग लगायो,
सुन सावंत सुरा,
हाथ थारे कई आयो।।
2024"नए अंदाज में"तेजा जी महाराज का बहुत ही प्राचीन भजन सिंगर~रतन जी शर्मा@Mahakal_Live#निर्गुणी_
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
यह भजन भी देखियेऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- शेर पे होके सवार मैया जी मेरे घर आना भजन
- माला रो मणियों भजन वाली डोरी भजन
- सतगुरु आया बिणजारा भजन
- भादवे री बीज रो रुनिचे मेलो आ गयो
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
