सारे जगत में घूम लिया मेरे श्याम सा दिलदार नहीं
सारे जगत में घूम लिया मेरे श्याम सा दिलदार नहीं
सारे जगत में घूम लिया,
मेरे श्याम सा दिलदार नहीं,
जो मांगो यहां मिल जाता है,
मिलता ना है और कहीं,
सारे जगत मे घूम लिया।
जो भी इनके दर पे आया,
उनको सेठ बनाया है,
सच्चे मन से करे याद वो,
उनका साथ निभाया है,
राजा से ये रंक बना दे,
ये सब इसकी माया है,
इसकी भक्ति करी है जिसने,
मुंह मांगा वर पाया है,
ओ चरणों में तू शीश झुका और,
मिलता ना आराम कहीं,
सारे जगत मे घूम लिया।
बड़े बड़े राजा महाराजा,
इनका नाम सुमरते थे,
ॐ श्री श्याम देवाय नमः की,
हरदम माला जपते थे,
हाथों में वो कलम थाम के,
श्याम ही श्याम वो लिखते थे,
इस मंत्र से उन लोगों के,
सारे काज संवरते थे,
रे कलयुग का ये देव रहेगा,
कृष्ण की ये बात सही,
सारे जगत मे घूम लिया।
जिसने मानी हार जगत में,
उसका ये रखवाला है,
मोर छड़ी का झाड़ा लगाकर,
उसका संकट टाला है,
शीश मुकुट कानों में कुंडल,
गल बैजंती माला है,
तीन बाण तरकश में रखते,
इनके हाथ में भाला है,
ओ हारे का तुम बनो सहारा,
मां मोरवी ने बात कही,
सारे जगत मे घूम लिया।
ऐसा कोई शीश का दानी,
ना कोई होने वाला है,
जब जब कलयुग और बढ़ेगा,
जादू चलने वाला है,
ओ भीमसेन का पौत्र लाडला,
बड़ा ये हिम्मतवाला है,
सुनील शर्मा विजय राजपूत,
जपते इनकी माला है,
श्याम श्याम श्री मुख से गाओ,
सारी उमरिया बीत गई,
सारे जगत मे घूम लिया।
मेरे श्याम सा दिलदार नहीं,
जो मांगो यहां मिल जाता है,
मिलता ना है और कहीं,
सारे जगत मे घूम लिया।
जो भी इनके दर पे आया,
उनको सेठ बनाया है,
सच्चे मन से करे याद वो,
उनका साथ निभाया है,
राजा से ये रंक बना दे,
ये सब इसकी माया है,
इसकी भक्ति करी है जिसने,
मुंह मांगा वर पाया है,
ओ चरणों में तू शीश झुका और,
मिलता ना आराम कहीं,
सारे जगत मे घूम लिया।
बड़े बड़े राजा महाराजा,
इनका नाम सुमरते थे,
ॐ श्री श्याम देवाय नमः की,
हरदम माला जपते थे,
हाथों में वो कलम थाम के,
श्याम ही श्याम वो लिखते थे,
इस मंत्र से उन लोगों के,
सारे काज संवरते थे,
रे कलयुग का ये देव रहेगा,
कृष्ण की ये बात सही,
सारे जगत मे घूम लिया।
जिसने मानी हार जगत में,
उसका ये रखवाला है,
मोर छड़ी का झाड़ा लगाकर,
उसका संकट टाला है,
शीश मुकुट कानों में कुंडल,
गल बैजंती माला है,
तीन बाण तरकश में रखते,
इनके हाथ में भाला है,
ओ हारे का तुम बनो सहारा,
मां मोरवी ने बात कही,
सारे जगत मे घूम लिया।
ऐसा कोई शीश का दानी,
ना कोई होने वाला है,
जब जब कलयुग और बढ़ेगा,
जादू चलने वाला है,
ओ भीमसेन का पौत्र लाडला,
बड़ा ये हिम्मतवाला है,
सुनील शर्मा विजय राजपूत,
जपते इनकी माला है,
श्याम श्याम श्री मुख से गाओ,
सारी उमरिया बीत गई,
सारे जगत मे घूम लिया।
हमने जीवन में कई जगहों की यात्रा की होगी, कई मंदिरों में शीश झुकाया होगा, परंतु ऐसा अनोखा और दयालु दरबार कहीं और नहीं मिलता जैसा हमारे श्याम बाबा का है। यह वह स्थान है, जहां सब की मनोकामना पूरी होती है। जो भी सच्चे मन से श्याम बाबा के दर पर आता है, वह खाली हाथ नहीं लौटता। जो गरीब होता है श्याम बाबा उसे धनवान बना देते हैं, और जो हार मान चुका होता है, उसे सहारा देते हैं। श्याम बाबा की माया अद्भुत है। उनकी भक्ति करने वाले ने जीवन में हर सुख पाया है। बड़े-बड़े राजा-महाराजाओं ने श्याम बाबा का स्मरण किया और उनकी कृपा से उनके जीवन की सभी कठिनाइयाँ दूर हुईं। "ॐ श्री श्याम देवाय नमः" का जाप करने से ही सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं। कलयुग में श्याम बाबा ही वह शक्ति हैं, जो हमारे संकट हरते हैं। श्याम बाबा के सिर पर मुकुट, कानों में कुंडल, और गले में वैजयंती माला है। उनके दिव्य स्वरूप को निहारने से मन को शांति मिलती है। उनके हाथ में भाला और तरकश में तीन बाण उनके रक्षक स्वरूप को दर्शाते हैं। श्याम बाबा की महिमा अनंत है।
जय श्री श्याम बाबा।
मेरे श्याम सा दिलदार नहीं(Official Video)Vijay Rajput,Sunil Sharma|New Khatu shyam bhajan Bhajan2024
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Singer :Sunil Sharma Dhingadiya ( 8290309002 ) Live Kirtan
Writer : Vijay Rajput ,Sunil Sharma Dhingadiya
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Author - Saroj Jangir
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