गली दे विचो कौन लंगिया कृष्णा भजन
गली दे विचो कौन लंगिया कृष्णा भजन
सखी उठ के बनेरे उत्ते तक नी,
गली दे विचो कौन लंगिया?
हारा वाले दा पैंदा मैनू शक नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
मोर मुकुट माथे तिलक तिलक विराजे,
गले बैजंती माला साजे।
ओहदे मुखड़े ते काली काली लट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
कानों में कुंडल, हाथों में मुरली,
इनकी तो है ये दुनिया दीवानी।
ओहदे मोड़े ते पिला पिला पट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
वृन्दावन विच गौआं चरावे,
लूट-लूट के दही माखन खावे।
मेरा सांवरा सलोना नटखट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
सब सखियां नाल रास रचावे,
रास रचावे नाले चीर चुरावे।
कदे यमुना ते, कदे पनघट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
गली दे विचो कौन लंगिया?
हारा वाले दा पैंदा मैनू शक नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
मोर मुकुट माथे तिलक तिलक विराजे,
गले बैजंती माला साजे।
ओहदे मुखड़े ते काली काली लट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
कानों में कुंडल, हाथों में मुरली,
इनकी तो है ये दुनिया दीवानी।
ओहदे मोड़े ते पिला पिला पट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
वृन्दावन विच गौआं चरावे,
लूट-लूट के दही माखन खावे।
मेरा सांवरा सलोना नटखट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
सब सखियां नाल रास रचावे,
रास रचावे नाले चीर चुरावे।
कदे यमुना ते, कदे पनघट नी,
गली दे विचो कौन लंगिया...?
धमाकेदार भजन सुनते ही बैठे-बैठे नाचने लग जाओगी जरूर सुने सखी उठ के बनेरे उत्ते तक नी
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
वृन्दावन में गायें चराते, माखन-दही चुराते, अपनी नटखट अदाओं से सबका दिल जीतने वाले सांवरे कृष्ण ही हैं, जो कभी यमुना किनारे, कभी पनघट पर, तो कभी रास रचाते हुए सखियों के बीच नजर आते हैं। यह दृश्य प्रेम, उत्सुकता और कृष्ण की बाल-लीलाओं की मधुरता से भरा है, जहाँ हर सखी उनके दर्शन के लिए व्याकुल है और हर गली उनकी उपस्थिति से पावन हो जाती है।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
वृन्दावन में गायें चराते, माखन-दही चुराते, अपनी नटखट अदाओं से सबका दिल जीतने वाले सांवरे कृष्ण ही हैं, जो कभी यमुना किनारे, कभी पनघट पर, तो कभी रास रचाते हुए सखियों के बीच नजर आते हैं। यह दृश्य प्रेम, उत्सुकता और कृष्ण की बाल-लीलाओं की मधुरता से भरा है, जहाँ हर सखी उनके दर्शन के लिए व्याकुल है और हर गली उनकी उपस्थिति से पावन हो जाती है।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
