संयम का यह पथ भइया आत्मा का ठिकाना

संयम का यह पथ भइया आत्मा का ठिकाना है


संयम का यह पथ भइया, आत्मा का ठिकाना है,
बनके संयमी एक दिन, तुझे शिवपुर जाना है।

दादा के दुलारे हो, दादी के प्यारे हो,
रिश्ते ये दुनिया के, सब छोड़ के जाना है।
संयम का यह पथ...

पापा तेरे दिल का, मैं प्यारा सा टुकड़ा हूं,
छोड़ दुनियादारी को, घर आत्मा सजाना है।
संयम का यह पथ...

मइया पे क्या बीत रही, दुनिया वाले क्या जाने,
कलेजे के टुकड़े को, अपने हाथों रवाना है।
संयम का यह पथ...

बहना तेरा भाई हूं, पर एक मुसाफिर हूं,
दुनिया का बसेरा तो, आखिर भूल जाना है।
संयम का यह पथ...

भइया मेरे जीवन में, तेरी याद सदा रहेगी,
अपना ये मानस तो, ज्ञानीसा बनाना है।
संयम का यह पथ...


SANYAM KA YE PATH BHAIYYA||संयम का यह पथ भैय्या || MOHIT SE MOH_RAHIT || JAIN DIKSHA SONG ||संयम गीत

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Voice-Bhikham Jain
Lyrics-Bhikham jain
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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