कुछ पल की स्मृतियां आई मुझे, जन्म का कारण दिखा, अश्रु निकलने लगे आंखों से, मुझे पुराना जीवन दिखा।
धुंधली यादों में देख रहा, कोई मुझसे कुछ कहता था, संस्कारों की गूँज थी भीतर, हरि नाम ही बहता था।
किन्तु जगत में आते ही, सब विस्मृत सा क्यों हो गया, संसार के रंग में फंसते ही, अपना ही मुख अनजाना हो गया।
कुछ पल की स्मृतियां आई मुझे, जन्म का कारण दिखा, अश्रु निकलने लगे आंखों से, मुझे पुराना जीवन दिखा।
कोई मधुर स्वर कानों में आया, करुणा से भरपूर, तू था कभी मेरा अनन्य,
Shiv Bhajan Lyrics in Hindi
क्यों भटका इतना दूर।
स्मृति के दीपक जल उठे, बीते जन्म का रहस्य खुला, मैं रोया श्याम की गोदी में, जैसे बालक मां से मिला।
कुछ पल की स्मृतियां आई मुझे, जन्म का कारण दिखा, अश्रु निकलने लगे आंखों से, मुझे पुराना जीवन दिखा।
अब मेरी आंखों में अश्रु नहीं,
जलते दीपों की जोत है, अब जीवन नहीं यह एक यात्रा है, बस कृष्ण की ओट है।
कुछ पल की स्मृतियां आई मुझे, जन्म का कारण दिखा, अश्रु निकलने लगे आंखों से, मुझे पुराना जीवन दिखा।
आत्मा की पुरानी स्मृतियों और ईश्वर से बिछड़ने का सुंदर भाव है। जन्म के कारण और पूर्व जीवन की झलक मिलते ही हृदय भावुक हो उठता है। बचपन में मिले संस्कार और हरि नाम की गूँज अंतर्मन में बसी होती है, परंतु संसार में आते ही सब विस्मृत हो जाता है। अंत में यह अनुभूति होती है कि जीवन मात्र सांसारिक भ्रम नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है। जहां अंतिम आश्रय केवल भगवान कृष्ण की छत्रछाया में ही है। जय श्री कृष्ण।
कुछ पल की स्मृतियां | भावपूर्ण कृष्ण भजन | Shri Krishna Bhajan | Shiv Bhajan | Bhajan Marg Songs
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें।