रसीणे के कमरे में जच्चा हमारी री
रसीणे के कमरे में जच्चा हमारी री रसीणे के कमरे में जच्चा हमारी री, जच्चा राणी सोच मत करणा।। दाईये बुलावैगा जेठ तुम्हारा, री जच्चा राणी फिकर...
रसीणे के कमरे में जच्चा हमारी री रसीणे के कमरे में जच्चा हमारी री, जच्चा राणी सोच मत करणा।। दाईये बुलावैगा जेठ तुम्हारा, री जच्चा राणी फिकर...
राजे गंगा किनारे एक तिरिया सूं ठाड़ी अरज करे राजे, गंगा किनारे, एक तिरिया सूं ठाड़ी अरज करे। गंगे! एक लहर हमें देऊ, कि जा में डूब जाइयों।। ...
सुसरै जी से अरज करूं थी सोंग सुसरै जी से अरज करूं थी, मन्नै हरी-हरी दाख मंगाद्यो जी। बहू इस रुत में दाख नहीं सै, मेवा-मिसरी खाल्यो जी।। बाल...
सिया खड़ी पछताय कुस बन में हुए सिया खड़ी पछताय, कुस बन में हुए, जो यहाँ होती ललना की दाई। ललना देती जमाय, सूरज देती पजाय, मुन्ना लेती खिलाय...