सूर्य देव के 108 नामावली जानिये अर्थ

सूर्य देव के 108 नामावली जानिये अर्थ और महत्त्व

सूर्य देव प्रकाश, जीवन, शक्ति और ज्ञान के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। उन्हें आदित्य, अर्क, भानु, सविता, पूषा, मित्र, भास्कर, प्रभाकर, विवस्वान आदि अनेक नामों से जाना जाता है। सूर्य देव का जन्म महर्षि कश्यप और अदिति के पुत्र के रूप में हुआ माना जाता है, और वे बारह आदित्यों में प्रमुख हैं। सूर्य देव का रूप सात घोड़ों वाले रथ पर सवार, तेजस्वी, और सभी दिशाओं में प्रकाश फैलाने वाले के रूप में चित्रित किया जाता है। वे प्रत्यक्ष देवता माने जाते हैं, जिनकी पूजा रविवार के दिन विशेष रूप से की जाती है।

सूर्य देव के 108 नामों को 'सूर्य अष्टोत्तर शतनामावली' कहा जाता है। इन नामों का अर्थ है सूर्य के विविध गुण, शक्तियाँ और स्वरूप—जैसे वे शरण देने वाले (शरण्य), करुणा के सागर (करुणारससिन्धु), अदिति के पुत्र (आदित्य), सबका पोषण करने वाले (पूषा), तेजस्वी (भानु), रोग नाशक (रुग्घन्त्री), सभी दिशाओं में प्रकाश फैलाने वाले (दशदिक्संप्रकाश), अमर (अमरेश), अविनाशी (अच्युत), और समस्त ब्रह्मांड के स्वामी (सकलजगतांपति)। हर नाम सूर्य देव के किसी विशिष्ट स्वरूप, गुण या कार्य का प्रतीक है, जैसे—ज्ञान, स्वास्थ्य, शक्ति, विजय, कल्याण, और ऊर्जा का दाता। इन नामों में सूर्य के रूप, तेज, दया, शक्ति, और उनके द्वारा जीवन को पोषित करने की महिमा का विस्तार से वर्णन मिलता है।

सूर्य देव के 108 नामों का जाप करने का विशेष महत्त्व है। धार्मिक मान्यता है कि इन नामों का श्रद्धा और विधिपूर्वक जाप करने से जीवन में सुख, समृद्धि, यश, स्वास्थ्य, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना गया है, और उनकी कृपा से कुंडली के दोष दूर होते हैं, पद-प्रतिष्ठा और धन-वैभव में वृद्धि होती है। सूर्य के 108 नामों का जाप विशेष रूप से रविवार, संक्रांति, छठ, और अन्य पर्वों पर किया जाता है। यह जाप मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। सूर्य देव की पूजा और नामावली का जाप साधक के जीवन में अंधकार, रोग, बाधा, और नकारात्मकता को दूर करता है और उसे ऊर्जा, उत्साह, आत्मविश्वास और सफलता प्रदान करता है।

इस प्रकार, सूर्य देव के 108 नाम केवल उनकी स्तुति ही नहीं, बल्कि साधक के जीवन में प्रकाश, स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक जागरण का स्रोत भी हैं। इन नामों का जाप व्यक्ति को सूर्य की तरह तेजस्वी, ऊर्जावान और सफल बनाता है, और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।
  • अरुण- तांबे जैसे रंग वाला
  • शरण्य- शरण देने वाला
  • करुणारससिन्धु- करुणा- भावना के महासागर
  • असमानबल- असमान बल वाले
  • आर्तरक्षक- पीड़ा से रक्षा करने वाले
  • आदित्य- अदिति के पुत्र
  • आदिभूत- प्रथम जीव
  • अखिलागमवेदिन- सभी शास्त्रों के ज्ञाता
  • अच्युत- जिसता अंत विनाश न हो सके (अविनाशी)
  • अखिलज्ञ- सब कुछ का ज्ञान रखने वाले
  • अनन्त- जिसकी कोई सीमा नहीं है
  • इना- बहुत शक्तिशाली
  • विश्वरूप- सभी रूपों में दिखने वाला
  • इज्य- परम पूजनीय
  • इन्द्र- देवताओं के राजा
  • भानु- एक अद्भुत तेज के साथ
  • इन्दिरामन्दिराप्त- इंद्र निवास का लाभ पाने वाले
  • वन्दनीय- स्तुती करने योग्य
  • ईश- इश्वर
  • सुप्रसन्न- बहुत उज्ज्वल
  • सुशील- नेक दिल वाल
  • सुवर्चस्- तेजोमय चमक वाले
  • वसुप्रद- धन दान करने वाले
  • वसु- देव
  • वासुदेव- श्री कृष्ण
  • उज्ज्वल- धधकता हुआ तेज वाला
  • उग्ररूप-क्रोद्ध में रहने वाले
  • ऊर्ध्वग- आकार बढ़ाने वाला
  • विवस्वत्-चमकता हुआ
  • उद्यत्किरणजाल- रोशनी की बढ़ती कड़ियों का एक जाल उत्पन्न करने वाले
  • हृषीकेश- इंद्रियों के स्वामी
  • ऊर्जस्वल- पराक्रमी
  • वीर- (निडर) न डरने वाला
  • निर्जर- न बिगड़ने वाला
  • जय- जीत हासिल करने वाला
  • ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथी- बिना जांघों वाले सारथी
  • ऋषिवन्द्य- ऋषियों द्वारा पूजे जाने वाले
  • रुग्घन्त्र्- रोग के विनाशक
  • ऋक्षचक्रचर- सितारों के चक्र के माध्यम से चलने वाले
  • ऋजुस्वभावचित्त- प्रकृति की वास्तविक शुद्धता को पहचानने वाले
  • नित्यस्तुत्य- प्रशस्त के लिए तैयार रहने वाला
  • ऋकारमातृकावर्णरूप- ऋकारा पत्र के आकार वाला
  • उज्ज्वलतेजस्- धधकते दीप्ति वाले
  • ऋक्षाधिनाथमित्र- तारों के देवता के मित्र
  • पुष्कराक्ष- कमल नयन वाले
  • लुप्तदन्त- जिनके दांत नहीं हैं
  • शान्त- शांत रहने वाले
  • कान्तिद- सुंदरता के दाता
  • घन- नाश करने वाल
  • कनत्कनकभूष- तेजोमय रत्न वाले
  • खद्योत- आकाश की रोशनी
  • लूनिताखिलदैत्य- असुरों का नाश करने वाला
  • सत्यानन्दस्वरूपिण्- परमानंद प्रकृति वाले
  • अपवर्गप्रद- मुक्ति के दाता
  • आर्तशरण्य- दुखियों को अपने शरण में लेने वाले
  • एकाकिन्- त्यागी
  • भगवत्- दिव्य शक्ति वाले
  • सृष्टिस्थित्यन्तकारिण्- जगत को बनाने वाले, चलाने वाले और उसका अंत करने वाले
  • गुणात्मन्- गुणों से परिपूर्ण
  • घृणिभृत्- रोशनी को अधिकार में रखने वाले
  • बृहत्- बहुत महान
  • ब्रह्मण्- अनन्त ब्रह्म वाला
  • ऐश्वर्यद- शक्ति के दाता
  • शर्व- पीड़ा देने वाला
  • हरिदश्वा- गहरे पीले के रंग घोड़े के साथ रहने वाला
  • शौरी- वीरता के साथ रहने वाला
  • दशदिक्संप्रकाश- दसों दिशाओं में रोशनी देने वाला
  • भक्तवश्य- भक्तों के लिए चौकस रहने वाला
  • ओजस्कर- शक्ति के निर्माता
  • जयिन्- सदा विजयी रहने वाला
  • जगदानन्दहेतु- विश्व के लिए उत्साह का कारण बनने वाले
  • जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जित- युवा,वृद्धा, बचपन सभी अवस्थाओं से दूर रहने वाले
  • उच्चस्थान समारूढरथस्थ- बुलंद इरादों के साथ रथ पर चलने वाले
  • असुरारी- राक्षसों के दुश्मन
  • कमनीयकर- इच्छाओं को पूर्ण करने वाले
  • अब्जवल्लभ- अब्जा के दुलारे
  • अन्तर्बहिः प्रकाश- अंदर और बाहर से चमकने वाले
  • अचिन्त्य- किसी बात की चिन्ता न करने वाले
  • आत्मरूपिण्- आत्मा रूपी
  • अच्युत- अविनाशी रूप वाले
  • अमरेश- सदा अमर रहने वाले
  • परम ज्योतिष्- परम प्रकाश वाले
  • अहस्कर- दिन की शुरूआत करने वाले
  • रवि- भभकने वाले
  • हरि- पाप को हटाने वाले
  • परमात्मन्- अद्भुत आत्मा वाले
  • तरुण- हमेशा युवा रहने वाले
  • वरेण्य- उत्कृष्ट चरित्र वाला
  • ग्रहाणांपति- ग्रहों के देवता
  • भास्कर- प्रकाश के जन्म दाता
  • आदिमध्यान्तरहित- जन्म, मृत्यु, रोग आदि पर विजय पाने वाले
  • सौख्यप्रद- खुशी देने वाला
  • सकलजगतांपति- संसार के देवता
  • सूर्य- शक्तिशाली और तेजस्वी
  • कवि- ज्ञानपूर्ण
  • नारायण- पुरुष की दृष्टिकोण वाले
  • परेश- उच्च देवता
  • तेजोरूप- आग जैसे रूप वाले
  • हिरण्यगर्भ्- संसार के लिए सोनायुक्त रहने वाले
  • सम्पत्कर- सफलता को बनाने वाले
  • ऐं इष्टार्थद- मन की इच्छा पूरी करने वाले
  • अं सुप्रसन्न- सबसे अधिक प्रसन्न रहने वाले
  • श्रीमत्- सदा यशस्वी रहने वाले
  • श्रेयस्- उत्कृष्ट स्वभाव वाले
  • सौख्यदायिन्- प्रसन्नता के दाता
  • दीप्तमूर्ती- सदा चमकदार रहने वाले
  • निखिलागमवेद्य- सभी शास्त्रों के दाता
  • नित्यानन्द- हमेशा आनंदित रहने वाले


Surya dev ke 108 naam~सुनने मात्र से सभी मनोकामनाएं होगी पूर्ण l सूर्य देव के 108 नाम
 
सूर्य देव के 108 नामावली का अर्थ यह है कि प्रत्येक नाम सूर्य देव के किसी विशेष गुण, स्वरूप या शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। इन नामों में सूर्य देव की करुणा, तेज, शक्ति, ज्ञान, रोग नाशकता, आनंद, सफलता, और समस्त ब्रह्मांड में उनकी उपस्थिति का विस्तार से वर्णन मिलता है। कुछ प्रमुख नामों के अर्थ निम्नलिखित हैं:

  • अरुण—तांबे जैसे रंग वाले,  
  • शरण्य—शरण देने वाले,  
  • करुणारससिन्धु—करुणा के महासागर,  
  • असमानबल—असीम बल वाले,  
  • आर्तरक्षक—दुखियों की रक्षा करने वाले,  
  • आदित्य—अदिति के पुत्र,  
  • आदिभूत—प्रथम जीव,  
  • अखिलागमवेदिन—सभी शास्त्रों के ज्ञाता,  
  • अच्युत—अविनाशी,  
  • अनन्त—जिसकी कोई सीमा नहीं,  
  • विश्वरूप—सभी रूपों में उपस्थित,  
  • इज्य—पूजनीय,  
  • भानु—तेजस्वी,  
  • वन्दनीय—वंदना योग्य,  
  • ईश—ईश्वर स्वरूप,  
  • सुप्रसन्न—बहुत प्रसन्न,  
  • सुवर्चस्—तेजोमय,  
  • वसुप्रद—धन देने वाले,  
  • वसु—धन स्वरूप,  
  • उज्ज्वल—चमकदार,  
  • विवस्वत्—चमकता हुआ,  
  • हृषीकेश—इंद्रियों के स्वामी,  
  • वीर—निडर,  
  • निर्जर—न बिगड़ने वाले,  
  • जय—सदा विजयी,  
  • ऋषिवन्द्य—ऋषियों द्वारा पूजित,  
  • रुग्घन्त्री—रोग नाशक,  
  • पुष्कराक्ष—कमलनयन,  
  • शान्त—शांत स्वरूप,  
  • कान्तिद—सुंदरता के दाता,  
  • लूनिताखिलदैत्य—असुरों का नाश करने वाले,  
  • अपवर्गप्रद—मुक्ति के दाता,  
  • सृष्टिस्थित्यन्तकारिण—सृष्टि, स्थिति और संहार करने वाले,  
  • ब्रह्मरूप—ब्रह्म स्वरूप,  
  • हरिदश्वा—पीले घोड़ों वाले,  
  • दशदिक्संप्रकाश—दसों दिशाओं में प्रकाश देने वाले,  
  • ओजस्कर—शक्ति देने वाले,  
  • जगदानन्दहेतु—विश्व को आनंद देने वाले,  
  • सूर्य—शक्तिशाली और तेजस्वी,  
  • कवि—ज्ञानपूर्ण,  
  • नारायण—परम पुरुष,  
  • तेजोरूप—तेजस्वी,  
  • हिरण्यगर्भ—सोनायुक्त,  
  • सम्पत्कर—संपत्ति देने वाले,  
  • नित्यानन्द—हमेशा आनंदित रहने वाले
इन नामों का जाप सूर्य देव की कृपा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज, सफलता और जीवन में सकारात्मकता के लिए किया जाता है। प्रत्येक नाम सूर्य के किसी विशेष गुण, कार्य या प्रभाव को दर्शाता है, जिससे साधक के जीवन में प्रकाश, शक्ति और समृद्धि आती है।
 
Album - Surya 108 Naam
Song - Surya 108 Naam
Singer - Prem Prakash Dubey
Music - Prem Prakash Dubey
Lyrics - Traditional
 
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