मैं तो बाँध घुँघरा नाचू आज मने बाबो बुलायो भजन
मैं तो बाँध घुँघरा नाचू आज मने बाबो बुलायो भजन
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है,
बाबो बुलायो है म्हाने,
संदेसो आयो है।
धोली धोली ध्वजा बनाऊँ,
जाणो बाबे रे द्वार जी,
आसे पासे घुँघरिया बाँधूँ,
बीच में म्हारी सरकार जी,
जय बाबा री बोलता जावाँ,
जय बाबा री बोलता जावाँ,
कट्यो कष्टां रो सायो है,
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है।
आस मुरारी बाबो म्हारी,
पूरी कर दी आज जी,
रामधणी सरकार महासू,
दूही मिटा दी आज जी,
के बताऊँ भक्तों म्हारो,
के बताऊँ भक्तों म्हारो,
मन हर्षायो है,
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है।
रामधणी सुपने में आयो,
इंद्र ने आण जगायो जी,
गंगानगर सू चाल के जाणो,
धाम रुणिचे बतायो जी,
होया नेम निहाल रे दीनु,
होया नेम निहाल रे दीनु,
बाबो दरस दिखायो है,
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है।
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है,
बाबो बुलायो है म्हाने,
संदेसो आयो है।
आज मने बाबो बुलायो है,
बाबो बुलायो है म्हाने,
संदेसो आयो है।
धोली धोली ध्वजा बनाऊँ,
जाणो बाबे रे द्वार जी,
आसे पासे घुँघरिया बाँधूँ,
बीच में म्हारी सरकार जी,
जय बाबा री बोलता जावाँ,
जय बाबा री बोलता जावाँ,
कट्यो कष्टां रो सायो है,
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है।
आस मुरारी बाबो म्हारी,
पूरी कर दी आज जी,
रामधणी सरकार महासू,
दूही मिटा दी आज जी,
के बताऊँ भक्तों म्हारो,
के बताऊँ भक्तों म्हारो,
मन हर्षायो है,
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है।
रामधणी सुपने में आयो,
इंद्र ने आण जगायो जी,
गंगानगर सू चाल के जाणो,
धाम रुणिचे बतायो जी,
होया नेम निहाल रे दीनु,
होया नेम निहाल रे दीनु,
बाबो दरस दिखायो है,
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है।
मैं तो बाँध घुँघरा नाचूँ,
आज मने बाबो बुलायो है,
बाबो बुलायो है म्हाने,
संदेसो आयो है।
बा बो बुलायो है | Babo Bulayo Hai | Deenu Diwana | रामदेव जी प्रसिद्ध भजन | Ramdev ji Famous Bhajan
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
बाबो के सन्देस से बुलावा आया तो घुँघरा बांधकर नाचना पड़ता है, धोली ध्वजा बनाकर द्वार पर जाना, आस-पास घुँघरू बांध बीच में सरकार विराजमान। जय बाबा बोलते जयकारे लगाते कष्ट कट जाते हैं, मुरारी बाबो आस पूरी कर दुख मिटा देते हैं। रामधनी सपने में आकर गंगानगर से धाम रुणिची का रास्ता बताते, नेम निहाल हो दर्शन पाते हैं।
हे रामधनी बाबो, तुम भक्तों को सन्देस भेजकर बुलाते हो और घुँघरू बांध नचाने वाले हो। गंगानगर-रुणिची के स्वामी, तुम्हारी कृपा से आस पूरी होती, दुख मिट जाते, सपनों में दर्शन देकर नेम निहाल कर देते हो। जयकारों से कष्ट साये उड़ जाते हैं, हे सांवरिया सरकार, तुम्हारी लीला अनुपम है जो भक्तों को नाच नचाती है।
हे रामधनी बाबो, तुम भक्तों को सन्देस भेजकर बुलाते हो और घुँघरू बांध नचाने वाले हो। गंगानगर-रुणिची के स्वामी, तुम्हारी कृपा से आस पूरी होती, दुख मिट जाते, सपनों में दर्शन देकर नेम निहाल कर देते हो। जयकारों से कष्ट साये उड़ जाते हैं, हे सांवरिया सरकार, तुम्हारी लीला अनुपम है जो भक्तों को नाच नचाती है।
यह भजन भी देखिये
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
