बम बम भोले यही वो तंत्र है शिव भजन
बम बम भोले यही वो तंत्र है यही वो मन्त्र है शिव भजन
बम बम भोले,यही वो तंत्र है,
यही वो मन्त्र है,
प्रेम से जपोगे,
तो मिटेंगे सारे ग़म।
कभी योगी कभी भोगी
कभी बाल ब्रह्मचारी,
कभी आदि देव महादेव त्रिपुरारी,
कभी शंकर कभी शम्भू
कभी बोले भंडारी नाम है
अनंत तोरे जग बिलहारी
शिव का नाम लो
सुबह शाम लो
गाते रहो जब तक
दम में है दम
बम भोले बम भोले,
बम बम बम।
दक्ष प्रजापति जब हुंकार,
त्रिशूल से शीश उतारा,
माफ़ी मांगी होश में आओ
बकरे का जब शीश लगायो
आशुतोष भोले बाबा भये प्रसन्न,
बकरे ने मुख से जो बोली बम बम
बम भोले बम भोले बम बम बम
कालकेति कल्याण कल्पान्तकारी
सदा सचितानंद दाता पुरारी
चिदा नन्द समहोह मोहे परारी
प्रसिव प्रसिव प्रभु मन मदारी,
ध्यान लगाई के ज्योत जलाई के
ध्यान लगाई के ज्योत जलाई के
शिव को पुकारते चलो जी हर दम
बम भोले बम भोले बम बम बम
खेल रही है जटा गंगा,
बाजे डमरू पिकर भंगा,
खप्पर खाल बाघंबर अंगा,
मेरो जोगी मस्त मलंगा
गुरुदास मांगे तेरी नज़र करम
भक्तो को रखना तू अपनी शरण,
बम भोले बम भोले बम बम बम
DJ पर चलने वाला सबसे हिट भोला SONG - यही वो तंत्र है यही वो मंत्र है बम भोले बम भोले बम बम
► Song: Yahi Wo Tantra Hai Yahi Wo Mantra Hai Bam Bhole
► Singer: Rajneesh Sharma
► Music: Mukesh Sharma
► Recording Studio: Smart Digital ( 9711868600 / 8700635937 )
बम बम भोले की धुन जब दिल में उतरती है, तो सारे गम जैसे पिघलकर बह जाते हैं। वो तंत्र-मंत्र नहीं, बस प्रेम का वो जादू है जो हर जन्म-मरण के बंधन को खोल देता है। कभी योगी बनकर कैलाश पर विराजमान, कभी भोगी बनकर गंगा-जटा में खेलते, कभी बाल ब्रह्मचारी, कभी त्रिपुरारी – महादेव का हर रूप एक ही सच्चाई कहता है कि वो अनंत हैं, जगत के बिलहारी हैं। सुबह शाम उनका नाम जपो, जब तक सांस है तब तक गाते रहो, क्योंकि यही वो मंत्र है जो जीवन की हर पीड़ा को शांत कर देता है।
दक्ष प्रजापति की हुंकार पर जब त्रिशूल चला, शीश गिरा, फिर बकरे का शीश लगाकर आशुतोष प्रसन्न हुए। बकरे ने भी मुख से बम बम बोला – वो क्षण बताता है कि भोलेनाथ कितनी जल्दी माफ़ कर देते हैं, कितनी आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं। काल के भी काल, कल्याण के कल्याणकारी, सदा सच्चिदानंद दाता – ध्यान लगाओ, ज्योत जला लो, मन को उनके चरणों में रखो। जटा में गंगा बह रही है, डमरू बाज रहा है, भांग का नशा चढ़ा है, खप्पर-बाघंबर में मस्त मलंगा जोगी नाच रहा है। गुरुदास की तरह बस एक नजर की चाहत है, भक्तों को अपनी शरण में रखो, हर दम बम भोले की पुकार गूँजती रहे।
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