बता दो ए मेरे मोहन तेरा दीदार कृष्ण भजन
बता दो ए मेरे मोहन तेरा दीदार कैसे हो भजन
बता दो ए मेरे मोहन,
बता दो ए मेरे मोहन, तेरा दीदार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
तुम्हारा प्यार पा कर के हजारो तर गये लेकिन,
बड़ा पापी हूँ मैं मोहन, मेरा उद्धार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
कभी राधा के संग मोहन, कभी मीरा के मनमोहन,
मेरा तुम से मेरे मोहन, मिलन इक बार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
डगर भी है बड़ी मुश्किल, सफर भी है बहुत लम्बा,
ये भव सागर अगम गहरा है इस से पार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
बता दो ए मेरे मोहन, तेरा दीदार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
तुम्हारा प्यार पा कर के हजारो तर गये लेकिन,
बड़ा पापी हूँ मैं मोहन, मेरा उद्धार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
कभी राधा के संग मोहन, कभी मीरा के मनमोहन,
मेरा तुम से मेरे मोहन, मिलन इक बार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
डगर भी है बड़ी मुश्किल, सफर भी है बहुत लम्बा,
ये भव सागर अगम गहरा है इस से पार कैसे हो,
बड़ी मुश्किल में हूँ, मोहन तेरा दीदार कैसे हो,
बता दो ऐ मेरे मोहन, तेरा दीदार कैसे हो: Bata Do Ai Mere Mohan, Tera Deedar Kaise Ho
कृष्ण भक्त अपने प्रभु से दर्शन देने की प्रार्थना कर रहे हैं।
जब साधक मोहन जी के दीदार की प्यास से बेचैन हो उठता है, तो मन में एक गहरी बेचैनी छा जाती है। जीवन की मुश्किल डगर पर चलते हुए लगता है कि हर कदम पर ठोकर आ रही है, फिर भी मोहन जी का नाम ही सहारा बन जाता है। पापों का बोझ कंधों पर महसूस होता है, लेकिन उनका प्यार ही वो नदी है जो हजारों पाप धो देती है। बस एक बार दीदार हो जाए, तो सारी थकान मिट जाती, जैसे राधा या मीरा को मिला वो सौभाग्य।
यह भजन भी देखिये
