राम तेरी रचना अचरज भरी भजन
राम तेरी रचना अचरज भरी भजन
राम तेरी रचना अचरज भरी
राग: बरहंस ताल धमाल
राम तेरी रचना अचरज भरी,
जाको वर्णन कर सब हारी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
जाको वर्णन कर सब हारी,
जल की बूंद से देह बनाई,
जल की बूंद से देह बनाई,
ता में नर अरु नारी
जल की बूंद से देह बनाई,
जल की बूंद से देह बनाई,
ता में नर अरु नारी
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
हाथ पांव सब अंग मनोहर,
हाथ पांव सब अंग मनोहर,
भीतर प्राण संचारी
जल की बूंद से देह बनाई,
नभ में नभचर जीव बनाये,
नभ में नभचर जीव बनाये,
जल में रचे जलधारी
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
वृक्ष लता वन पर्वत सुंदर,
वृक्ष लता वन पर्वत सुंदर,
सागर की छवि न्यारी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
चाँद सूरज दोउ दीपक कीन्हे,
चाँद सूरज दोउ दीपक कीन्हे,
रात दिवस उजियारी
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
तारागण सब फिरत निरंतर,
तारागण सब फिरत निरंतर,
चंहुदिश पवन सवारी
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
ऋषि मुनि निशदिन ध्यान लगावें,
ऋषि मुनि निशदिन ध्यान लगावें,
लख न सकें गति सारी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
ब्रह्मानंद अनंत महाबल,
ब्रह्मानंद अनंत महाबल,
ईश्वर शक्ति तुम्हारी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
राम तेरी रचना अचरज भरी,
जाको वर्णन कर सब हारी,
Ram Teri Rachna Achraj Bhari [Full Song] Bhakti Gyan
raam teree rachana acharaj bharee
raag: barahans taal dhamaal
raam teree rachana acharaj bharee,
jaako varnan kar sab haaree,
raam teree rachana acharaj bharee,
jaako varnan kar sab haaree,
raag: barahans taal dhamaal
raam teree rachana acharaj bharee,
jaako varnan kar sab haaree,
raam teree rachana acharaj bharee,
jaako varnan kar sab haaree,
Bhajan: Ram Teri Rachna Achran Bhari
Singer: Vipin Sachdeva
Music Director: Ved Sethi
Lyricist: Traditional
Album: Bhakti Gyan
Music Label: T-Series
Singer: Vipin Sachdeva
Music Director: Ved Sethi
Lyricist: Traditional
Album: Bhakti Gyan
Music Label: T-Series
जल की एक बूंद से मनोहर देह, नर-नारी, हाथ-पांव, प्राण-संयोजन रच दिया, नभ में नभचर, जल में जलचर, वृक्ष-लता, वन-पर्वत, सागर की छवि, चंद-सूरज के दीपक, तारागण की निरंतर गति और चतुर्दिश पवन की सवारी—सब कुछ अनंत शक्ति से संचालित है। यह दर्शाता है कि ऋषि-मुनि निष्काम ध्यान लगाकर भी इस गति का लख न सकें, क्योंकि ब्रह्मानंद की यह महिमा वर्णन से परे है, जो भक्त को विस्मय और समर्पण की भावना से भर देती है। भजन का भाव हमें सिखाता है कि सारी सृष्टि ईश्वर की अचरज भरी रचना है, जिसका चिंतन कर आत्मा परम शांति और भक्ति में लीन हो जाती है
