फिरता मैं मारा मारा दर्शन दो बंसी वाले भजन

फिरता मैं मारा मारा दर्शन दो बंसी वाले भजन

फिरता मैं मारा मारा,
तेरे नाम के सहारे,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले।।

पाने को दर्श तेरा,
छाना मैंने जमाना,
बैठे कहाँ हो मोहन,
पाया नहीं ठिकाना,
उम्मीद में मैं फिरता,
ओ नंद के दुलारे,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले।।

काशी व मथुरा देखा,
तुझको वहाँ ना पाया,
गोकुल में पहुँचा जब मैं,
मुझे द्वारिका बताया,
मैंने द्वारिकापुरी के,
घर घर ही छान डाले,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले।।

गिर गिर के उठ रहा हूँ,
तन में ना जान बाकी,
दिल में यही तमन्ना,
कर लूँ तुम्हारी झांकी,
कश्ती मेरी भंवर में,
आके लगा किनारे,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले।।

यशोदा ललन कहाँ हो,
आवाज सुन लो मेरी,
भक्तों का कष्ट हरते,
करते नहीं हो देरी,
गा गा के तेरा कीर्तन,
बेटा तुम्हें पुकारे,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले।।

फिरता मैं मारा मारा,
तेरे नाम के सहारे,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले,
दर्शन दो बंसी वाले।।



फिरता मै मारा मारा तेरे नाम के सहारे !! दर्शन दो बंसी वाले #bhajan !! स्वर संगीत पाण्डेय |

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दुनिया की हर राह छान ली, हर तीर्थ में ढूँढा, लेकिन वो बंसी वाला कहीं न मिला। काशी की गलियों में, मथुरा के किनारों पर, गोकुल की हरी-भरी छाँव में, द्वारिका के महलों तक – घर-घर छान डाला, पर ठिकाना न मिला। उम्मीद की डोर थामे फिरता रहा, मारा-मारा, थककर गिरता रहा, फिर उठता रहा। तन में जान नहीं बची, पर दिल में बस एक ही तमन्ना – बस एक झाँकी मिल जाए, बस एक बार वो सांवला रूप नजर आए। कश्ती भँवर में फँसी है, डूबने को है, बस वो हाथ बढ़ा दे तो किनारा लग जाए।

यशोदा का ललना कहाँ छुपा है, आवाज़ सुन ले मेरी। भक्तों का कष्ट देखकर भी देरी क्यों करते हो? गा-गा के कीर्तन करता हूँ, पुकारता हूँ, आँसू बहाता हूँ – बस एक बार दर्शन दे दो बंसी वाले। तेरे नाम का सहारा लिए फिर रहा हूँ, क्योंकि बिना तेरे ये जीवन अधूरा है। गिरकर उठना, थककर पुकारना, ये सब तेरी याद में है। आ जा मोहन, आ जा नंद के दुलारे, एक बार सामने आ जा, ताकि ये तड़प मिट जाए, ये विरह खत्म हो जाए। दिल कहता है, बस थोड़ी सी देर और, वो जरूर आएगा, क्योंकि पुकार सुनने वाला है वो।
 
राज साउंड काशीपुर प्रयागराज
Pro... सुमित राज दुबे
Contact~ 7080275412
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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