मोहे ले चल अपनी नगरिया गोकुल वाले भजन

मोहे ले चल अपनी नगरिया गोकुल वाले भजन

 
मोहे ले चल अपनी नगरिया Mohe Le Chal Apani Nagariya Lyrics
 
ले चल अपनी नगरिया
मोहे ले चल अपनी नगरियाँ,
गोकुल वाले सांवरिया
गोकुल वाले सांवरियाँ,
मोहे ले चल अपनी नगरिया
गोकुल वाले सांवरिया
गोकुल वाले सांवरिया

तेरे नशे में चूर रहूँ,
इस संसार से दूर रहूँ,
तेरे नशे में चूर रहू,
इस सँसार से दूर रहूं,
ये है पाप की बजरिया
गोकुल वाले सांवरिया
ये है पाप की बजरिया
गोकुल वाले सांवरिया
ले चल अपनी नगरिया
मोहे ले चल अपनी नगरिया
गोकुल वाले सांवरिया
गोकुल वाले सांवरिया

सुबह दर्शन दर्शाता जा,
राह मुझे दिखलाता जा,
सुबह दर्शन दरसाता जा,
छाई काली बदरिया,
गोकुल वाले सांवरिया,
छाईं काली बदरिया,
गोकुल वाले सांवरिया,
ले चल अपनी नगैया,
मोहे ले चल अपनी नगैया,
ले चल अपनी नगैया,
गोकुल वाले सांवरिया,
गोकुल वाले सांवरिया,


Mohe le chal apni nagariya, gokul wale saanwariya 

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BAHEN 1941---- Nalini Jaywant, Husn Bano

मन जब संसार की उलझनों से थक जाता है, तब श्री कृष्ण जी की शरण ही सबसे प्यारी लगती है। उनकी लीला में ऐसा आकर्षण है कि साधक को बाहरी शोर से हटाकर भीतर की शांति की ओर खींच लेती है। गोकुल की वह सरल, मधुर और प्रेम भरी छवि मन में बस जाए, तो पाप की दुनिया की चमक फीकी लगने लगती है। ऐसे में एक ही चाह रह जाती है कि जीवन की डोर उसी की मर्जी से बंधे, उसी की धुन में चले, और उसी की पावन नगरी का हिस्सा बन जाए। यह लगाव मन को साफ करता है, और हृदय में सच्ची भक्ति की गहराई भर देता है।

जब सुबह का उजाला भी धुंधला लगे और राहें अनजानी जान पड़ें, तब श्री कृष्ण जी का दर्शन दिशा देता है। जैसे काली बदरिया के बीच से एक मीठी किरण फूट पड़े, वैसे ही उनका नाम अंधकार के बीच उम्मीद जगा देता है। जो मन उनके साथ लग जाता है, वह फिर इस संसार के मोह में नहीं उलझता, बल्कि प्रेम, विनम्रता और सच्चाई की राह पकड़ लेता है। जीवन की हर ठोकर में भी उनका सहारा मिले, यही मन की सच्ची पुकार बन जाती है। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।
 
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