ना ही सोना चांदी ना खज़ाना चाहिदा भजन

 ना ही सोना चांदी ना खज़ाना चाहिदा भजन

ना ही सोना चांदी ना खज़ाना चाहिदा,
मेनू तेरे चरना च ठिकाना चाहिदा,
ठिकाना चाहिदा गुरु जी ठिकाना चाहिदा,
मेनू तेरे चरना च.....

तू मालिक दुनिया दा तू ही जगत बनाया ऐ,
की खेड़ रचाए तू कोई समज न पाया ऐ,
सब झूठे रिश्ते ने झूठी मोह माया,
जद वि मैं आज्मैयां कोई कम ना आया ऐह,
मेनू रिश्ते नाते ना ज़माना चाहिदा,
मेनू तेरे चरना च.....

सतिगुरु तेथो की हिया लुकियाँ किस हाल च रहंदा हां,
आखियाँ विच वगदे अथुरु घुट भर पी लेनदा हा,
हर रोज ही मरदा हा मर मर के जिंदा हां,
उफ़ मुहो तो नही करदा मैं भूल सी लेनदा हां,
मेरी पूजा दे हंजुआ नु गल लौना चाहिदा,
मेनू तेरे चरना च.....

हर पासे कंडे ने बड़ी मुश्किल रहावा ने,
दुःख दर्द दी धूपा च किते दसन न छावा ने,
तेनु दिंदियाँ सुनाई नही जो मेरिया सदावा ने,
ऐना वी नि दास नु सतौना चाहिदा,
मेनू तेरे चरना च.....



ना चाहिए तेरे हीरे मोती|गायक बल्ली बादशाह|NA CHAHIYE TERE HIRE MOTI|CHETAWNI BHAJAN MALA

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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