शिव कैलाशों के वासी भजन हंसराज रघुवंशी
शिव कैलाशों के वासी भजन हंसराज रघुवंशी
गलेव लम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्
डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं
चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिव: शिवम्
शिव: शिवम्, शिव: शिवम्, शिव: शिवम्, शिव: शिवम्
शिव कैलाशो के वासी, धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना, शंकर संकट हरना,
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
अंत बेअंत तेरी माया,
ओ भोले बाबा,
अंत बेअंत तेरी माया,
शिव कैलाशों के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
शंकर संकट हरना (शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर
बेल की पत्तियां भांग धतुरा,
बेल की पत्तियां भांग धतुरा,
शिव जी के मन को लुभायें,
ओ भोले बाबा, शिव जी के मन को लुभायें
शिव कैलाशों के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
एक था डेरा तेरा,
चम्बे रे चौगाना,
दुज्जा लायी दित्ता भरमौरा,
ओ भोले बाबा,
दुज्जा लायी दित्ता भर मौरा,
शिव कैलाशों के वासी,
धौली धारों के राजा,
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
शिव कैलाशो के वासी,
धौली धारो के राजा,
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
शंकर संकट हरना शंकर शिवशंभो शंभो, शंकर शिवशंभो शंभो
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शिव की जटाओं से गंगा का जल बहता रहता है, जो उनकी पवित्रता को और बढ़ाता है, गले में लंबी सर्पमाला लटकती है, और डमरू की डम-डम ध्वनि से वे चंड तांडव करते हैं। यह नृत्य इतना प्रचंड है कि सारे ब्रह्मांड में कंपन फैल जाता है, फिर भी वह कल्याण का विस्तार करता है। कैलाश के ऊँचे शिखरों पर विराजमान भोलेनाथ धौली धारों के राजा हैं, संकट हरने वाले शंकर हैं। उनकी माया का कोई अंत नहीं, कितना भी खोजो तो भी नहीं मिलता, क्योंकि वह बेअंत है। भांग, धतूरा, बेल की पत्तियाँ उनके मन को लुभाती हैं, जैसे सच्चा प्रेमी अपनी पसंद से ही दिल जीतता है।
एक डेरा चंबे के चौगाने में था, दूसरा भरमौर में लाया गया, ऐसे ही भोले बाबा के निवास की महिमा फैली हुई है। शंकर शिवशंभो की पुकार से संकट दूर हो जाते हैं, मन शांत हो जाता है। जब डमरू बजता है और तांडव की थाप गूँजती है, तो सारे दुख भूल जाते हैं, बस भक्ति का आनंद बाकी रह जाता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री महादेव जी की।
Singer Hansraj Raghuwanshi
Music Dr. Vinod Gandharv (Fatafat Digital Pvt.Ltd.)
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