तेरी दीवानी हो गई श्याम दीवानी कृष्णा भजन

तेरी दीवानी हो गई श्याम दीवानी हो गई भजन

 
तेरी दीवानी हो गई श्याम दीवानी हो गई लिरिक्स Teri Shyam Deewani Ho Gayi Sham Diwani Lyrics

इश्क़ में तेरे सब कुछ खोया ओ  मैंने  कृष्णा कन्हाई,
लेकिन तेरे इश्क़ ने मेरी जग में हंसी उड़ाई,
अब तू अपना ले सांवरिया मेरी काहे की रुसवाई,

तेरी दीवानी हो गयी यूँ जग से बेगानी हो गयी यूँ
तेरे प्रेम में पागल हो गई मुझको ऐसा लगदा ऐ
श्याम जहाँ देखो अब तो बस तेरा चेहरा दीखता ऐ
तेरी दीवानी हो गई श्याम दीवानी हो गई,  

मेरी साँसों में धड़कन में तेरी प्रीत समाई
तेरी प्रीत में खोकर मैं तो जग से हुई पराई
अब तेरे सिवा दिलदार मुझे सच में कोई न जचदा ऐ
तेरी दीवानी हो गई श्याम दीवानी हो गई,

रंग में तेरे रंग कर बैठी हूँ तेरी खातिर सज कर बैठी हूँ
क्यों बेपरवाह बनकर मुझसे यार सांवरे रहता है
तेरी दीवानी हो गई श्याम दीवानी हो गई,

तू उल्फत है यार है मेरा तू चाहत दिलदार है मेरा
तू ही तो ज़िंदगानी मेरी तू रग रग में बसदा है
श्याम जहा देखू अब तो बी अस तेरा चेहरा दिखदा
तेरी दीवानी हो गई मैं तो दीवानी हो गई,

हर पल तेरी राह निहारें शर्मा तुझको कब से पुकारें
तुझसे मिलने की खातिर बस तन में साँस ये चलता ऐ
श्याम जहा देखू अब तो बी अस तेरा चेहरा दिखदा ऐ
तेरी दीवानी हो गई श्याम दीवानी हो गई,

 
Shyam Deewani | श्याम दीवानी | New Shyam Bhajan by Bhawna Swaranjali (Full HD Video) Song: Shyam Deewani
 
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Singer: Bhawna Swranjali
Music: Babloo Bhai
Video: Sonu Magan
Artists: Karan Art Group, Tannu Verma
Category: Hindi Devotional (Shyam Bhajan)
 
तेरे इश्क़ में सब कुछ खोकर भी दिल को सुकून मिला, जैसे दुनिया की हर चीज़ फीकी पड़ गई हो और बस एक ही चेहरा हर तरफ़ छा गया हो। साँसों में, धड़कन में, हर पल में वो प्रीत समा गई है कि अब जग से पराई होकर भी कितनी अपनी लगती है। रंग में रंगकर, सजकर बैठी हूँ तेरी खातिर, लेकिन तू बेपरवाह सा रहता है, फिर भी ये दीवानगी रुकती नहीं। जैसे कोई पागलपन में कहे, "श्याम, अब तो बस तेरा ही नाम लेना है, तेरा ही चेहरा देखना है," और आँखें बंद होते ही वही मुस्कान सामने आ जाती है। ये प्रेम इतना गहरा है कि रुसवाई भी मीठी लगने लगी, क्योंकि तेरे बिना जीना अब नामुमकिन सा हो गया है।

हर राह निहारती हूँ, हर पल पुकारती हूँ, तुझसे मिलने की खातिर साँसें चल रही हैं। तू उल्फत है, चाहत है, ज़िंदगानी है, रग-रग में बसता है। दुनिया देखे कुछ और, लेकिन आँखों के सामने बस तेरा सांवला रूप नाचता रहता है। ये दीवानगी ऐसी है कि जग की हँसी उड़ गई, पर दिल को लगा कि असली जीना यही है। तेरे प्रेम में खो जाना ही तो जीत है, क्योंकि तू अपना लेगा तो सारी रुसवाई मिट जाएगी, और बस प्रेम की वो मिठास बाकी रह जाएगी जो कभी खत्म नहीं होती। 
 
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