दर्शन देख जीवा गुरु तेरा पूरण करम होय शबद
दर्शन देख जीवा गुरु तेरा पूरण करम होय शबद
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा,
एह विनंती सुन प्रभु मेरे,
दे हे नाम कर अपने चेरे।
अपनी शरण राख प्रभ दाते,
गुर प्रसाद किनै बिरले जाते,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
सुणो बिनो प्रभ मेरे मीता,
चरण कमल बसे मेरे चिता,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
नानक एक करे अरदास,
बिसर नाही पूरण गुण तास,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होये प्रभु मेरा,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
पूरण करम होय प्रभ मेरा,
एह विनंती सुन प्रभु मेरे,
दे हे नाम कर अपने चेरे।
अपनी शरण राख प्रभ दाते,
गुर प्रसाद किनै बिरले जाते,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
सुणो बिनो प्रभ मेरे मीता,
चरण कमल बसे मेरे चिता,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
नानक एक करे अरदास,
बिसर नाही पूरण गुण तास,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होये प्रभु मेरा,
दर्शन देख जीवां गुरु तेरा,
पूरण करम होय प्रभ मेरा।
दर्शन देख जीवा गुरु तेरा | Darshan Dekh Jiva Guru Tere By Minakshi Chhabra Shabad
Darshan Dekh Jivaan Guru Tera,
Puran Karam Hoy Prabh Mera,
Eh Vinanti Sun Prabhu Mere,
De He Naam Kar Apane Chere.
Puran Karam Hoy Prabh Mera,
Eh Vinanti Sun Prabhu Mere,
De He Naam Kar Apane Chere.
गुरु के दर्शन में ऐसी शक्ति है, जो आत्मा को प्रभु के चरणों से जोड़ देती है। उनकी कृपा से जीवन के सारे कर्म पूर्ण होते हैं, और मन को सच्चा सुख मिलता है। यह विनम्र प्रार्थना है कि प्रभु अपनी शरण में रखें, अपने नाम का दीप जलाएँ, और चरणों को हृदय में बसाएँ। जैसे नानक अरदास करते हैं, वैसे ही गुरु का प्रसाद हर भटकाव को दूर करता है। यह विश्वास मन को बल देता है कि गुरु की एक झलक ही जीवन को अर्थ देती है, और उनकी कृपा से हर इच्छा पूर्ण होकर आत्मा परम सत्य में लीन हो जाती है। सच्ची भक्ति यही है कि गुरु के दर्शन और प्रभु के नाम में डूबकर जीवन को समर्पित कर दिया जाए।
"दर्शन देख जीवां गुरु तेरा, पूरण करम होय प्रभ मेरा" -गुरु के दर्शन से जीवन को धन्य और कर्मों को पूर्ण करने की प्रार्थना करता है। यहाँ गुरु को परमात्मा का साक्षात् स्वरूप माना गया है, जिनके दर्शन मात्र से भक्त का जीवन संवर जाता है। "एह विनंती सुन प्रभु मेरे, दे हे नाम कर अपने चेरे" में भक्त परमात्मा से उनके नाम का दान माँगता है, जो सिख धर्म में हरि नाम को सर्वोच्च और मुक्ति का मार्ग मानता है। "अपनी शरण राख प्रभ दाते, गुर प्रसाद किनै बिरले जाते" -केवल भाग्यशाली आत्माओं को प्राप्त होती है। गुरु को ही परमात्मा का साक्षात् स्वरूप माना गया है, जिनके दर्शन मात्र से जीवन धन्य हो जाता है और सभी कर्म पूर्ण हो जाते हैं।
जब गुरु के दर्शन होते हैं, तो वह आत्मा को ऐसे प्रकाशमान कर देते हैं कि जीवन के सारे अधूरे कर्म पूरे होते हैं। ऐसी अनुभूति होती है जैसे मन पूरी तरह शुद्ध और संतुष्ट हो जाता है, क्योंकि गुरु की कृपा से जीवन के कष्ट, मोह और भ्रम दूर हो जाते हैं। हर पल गुरु की छाया में रहना और उनकी उपस्थिति का अनुभव करना, आत्मा के लिए असीम सुख और शांति का स्रोत बन जाता है। यह दर्शन मात्र आँखों से देखने का अनुभव नहीं, बल्कि अंतर्मन की गहराई से जुड़ने जैसा होता है, जो जीवन को पूर्णता की ओर ले जाता है।
Track - Darshan Dekh Jiva Gur Tera
Singer - Minakshi Chhabra
Singer - Minakshi Chhabra
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