हाथ जोड़ विनती करूं सुणियों चित्त लगाय, दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज, धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान, अनुपम छवि श्री श्याम की, दर्शन से कल्याण।
श्याम श्याम तो मैं रटूं श्याम है जीवन प्राण, श्याम भक्त जग में बड़े उनको करूँ प्रणाम, खाटू नगर के बीच में बण्यों आपको धाम,
फाल्गुन शुक्ला मेला भरे जय जय बाबा श्याम।
फाल्गुन शुक्ला द्वादशी उत्सव भारी होए, बाबा के दरबार से खाली जाये न कोय, उमा पति लक्ष्मी पति सीता पति श्री राम, लज्जा सब की रखियो खाटू के बाबा श्याम।
पान सुपारी इलायची इत्तर सुगंध भरपूर, सब भक्तों की विनती दर्शन देवो हुजूर, आलू सिंह तो प्रेम से धरे श्याम को ध्यान, श्याम भक्त पावे सदा श्याम कृपा से मान।
हाथ जोड़ विनती करूँ सुणियों चित्त लगाय,
Khatu Shyam Ji Bhajan Lyrics in Hindi
दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज, धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान, अनुपम छवि श्री श्याम की दर्शन से कल्याण।
हाथ जोड़ विनती करूं सुणियों चित्त लगाय : दास जन हाथ जोड़ कर श्री श्याम, खाटू श्याम जी के समक्ष विनय करते हैं, आप भी इसे चित्त (हृदय) लगाकर सुनें।
दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज : हे खाटू श्याम जी हम भक्त (दास) आपकी शरण में आ गया है। अब आप ही इसकी लाज रखें। धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान : शेखावाटी
एक क्षेत्र विशेष का नाम है ऐसे ही रिंगस, जयपुर के आस पास का क्षेत्र
ढूंढाड़ कहा जाता है। चूँकि श्री श्याम जी का मंदिर ढूंढाड़ में स्थापित है
ऐसे में यह प्रदेश भी धन्य है। यहीं पर पवित्र खाटू नगरी है। अनुपम छवि श्री श्याम की, दर्शन से कल्याण -श्री खाटू श्याम जी की छवि अत्यंत ही अनुपम और मनोहारी है। श्याम श्याम तो मैं रटूं श्याम है जीवन प्राण-मैं तो सुबह और श्याम श्री श्याम श्याम रटता हूँ। आप ही मेरे जीवन के प्राण आधार, प्राणों के स्वामी हैं। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करूँ प्रणाम-इस सम्पूर्ण जगत में श्याम भक्तों का अपना एक अलग ही महत्त्व है। खाटू नगर के बीच में बण्यों आपको धाम : खाटू नगरी के मध्य में आपका पवित्र मंदिर (धाम) स्थापित है। फाल्गुन शुक्ला मेला भरे जय जय बाबा श्याम : फाल्गुन माह (फागण ) की शुक्ल पक्ष को बाबा का मेला भरता है। फाल्गुन शुक्ला द्वादशी उत्सव भारी होए : इस रोज अत्यंत ही भारी उत्स्व होता है। बाबा के दरबार से खाली जाये न कोय : बाबा के दरबार से कोई भी खाली नहीं जाता है। उमा पति लक्ष्मी पति सीता पति श्री राम : भगवान् श्री शिव, श्री राम सहित। लज्जा सब की रखियो खाटू के बाबा श्याम : हे खाटू श्याम जी सभी की लाज रखना। पान सुपारी इलायची इत्तर सुगंध भरपूर : आपके पान सुपारी, इत्र और सुगन्धित धूप आदि भरपूर मात्रा में अर्पित की जाती है। सब भक्तों की विनती दर्शन देवो हुजूर : मैं सभी भक्तों की तरफ से विनती करता हूँ की हे स्वामी आप दर्शन दें। आलू सिंह तो प्रेम से धरे श्याम को ध्यान : परम खाटू श्याम जी भक्त आलू सिंह जी आपका प्रेम से ध्यान धरते हैं। श्याम भक्त पावे सदा श्याम कृपा से मान : श्याम भक्त सदा ही आपकी कृपा पाते हैं। हाथ जोड़ विनती करूँ सुणियों चित्त लगाय : हाथ जोड़ कर श्री खाटू श्याम जी से विनती करते हैं आप मन लगाकर सुने। दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज : दास आपकी शरण में आ गया है। आप इसकी लाज रखें। धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान : ढंढाड़ आपका धाम पाकर धन्य है। अनुपम छवि श्री श्याम की दर्शन से कल्याण : श्री श्याम की छवि अत्यंत ही अद्भुद और अनुपम है।