आज तेरे दरबार जग से हार के आया हूं भजन

आज तेरे दरबार जग से हार के आया हूं भजन

आज तेरे दरबार,
जग से हार के आया हूं।
सुन लो मेरे सरकार,
जग से हार के आया हूं।।

मजबूरी गर ना होती तो,
मैं नहीं आता, मैं नहीं आता।
दिन और रात, तेरा दरवाजा,
मैं नहीं खटखटाता।
पड़ी वक्त की मार,
जग से हार के आया हूं।
सुन लो मेरे सरकार,
जग से हार के आया हूं।।

पहले तो सोचा, खुद ही,
नैया संभालू, नैया संभालू।
इस मझधार में फंसी ये नैया,
खुद ही पार लगा लू।
करता हूं स्वीकार,
हार मझधार से आया हूं।
सुन लो मेरे सरकार,
जग से हार के आया हूं।।

कहता पवन, के तुम ही बताओ,
जाऊं कहां मैं, जाऊं कहां मैं।
ठोकर खाते, खाते बाबा,
आया हूं यहां मैं।
जाऊं किसके द्वार,
जग से हार के आया हूं।
सुन लो मेरे सरकार,
जग से हार के आया हूं।।

आज तेरे दरबार,
जग से हार के आया हूं।
सुन लो मेरे सरकार,
जग से हार के आया हूं।।



आज तेरे दरबार हार के आया हूँ | Aaj Tere Darbar | Mukesh Bagda | Sunlo Mere Sarkar | Shyam Bhajan

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Song: Aaj Tere Darbar
Singer: Mukesh Bagda
Category: Hindi Devotional (Shyam Bhajan)
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स आध्यात्मिक भजन गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post