संकट का नजारा है अब तू ही सहारा है
संकट का नजारा है अब तू ही सहारा है
संकट का नजारा है,अब तू ही सहारा है,
डमरुँ वाले भोले भाले,
मैंने दामन पसारा है,
संकट का नजारा है।
त्रिभुवन में बड़ा सबसे,
महादेव कहाता है,
भव डूबती नैया को,
तू ही पार लगाता है,
मालिक है जमाने का,
कश्ती का किनारा है,
डमरुँ वाले भोले भाले,
मैंने दामन पसारा है,
संकट का नजारा है।
चौखट से तेरी कोई,
खाली नही जाता है,
भरता है सदा झोली,
दाताओ का दाता है,
औरो के लिए अम्रत,
खुद जहर पचाया है,
डमरुँ वाले भोले भाले,
मैंने दामन पसारा है,
संकट का नजारा है।
कलि काल में मुश्किल है,
तेरा ध्यान धरूँ कैसे,
दुश्वार हुआ जीना,
व्रत नेम करूँ कैसे,
भक्ति ना कोई तप है,
एक नाम तुम्हारा है,
डमरुँ वाले भोले भाले,
मैंने दामन पसारा है,
संकट का नजारा है।
तेरे दर का भिखारी हूँ,
तेरे द्वार पे आया हूँ,
झोली को मेरी भर दो,
अरमान ये लाया हूँ,
चेतन हो तुम्ही जग में,
जग तुमसे ही सारा है,
डमरुँ वाले भोले भाले,
मैंने दामन पसारा है,
संकट का नजारा है।
संकट का नजारा है,
अब तू ही सहारा है,
डमरुँ वाले भोले भाले,
मैंने दामन पसारा है,
संकट का नजारा है।
यह भजन सुनने से भगवान शिव जी का आप पर आशीर्वाद बना रहता है व धन, सुख, शान्ति प्राप्त होती है |
Sankat Ka Najaara Hai,
Ab Tu Hi Sahaara Hai,
Damarun Vaale Bhole Bhaale,
Mainne Daaman Pasaara Hai,
Sankat Ka Najaara Hai.
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