लाल चुनरिया ओढ़ ली मेरे प्यारे सांवरिया
लाल चुनरिया ओढ़ ली मेरे प्यारे सांवरिया
लाल चुनरिया ओढ़ ली, मेरे प्यारे सांवरिया,
प्यारे सांवरिया, मेरे प्यारे सांवरिया। (2 बार)
लाल चुनरिया ओढ़ ली मेरे प्यारे सांवरिया।
राम-कसम तू ऐसा भाया, (2 बार)
ऐसा भाया, ऐसा भाया।
भूल गई क्या अपना पराया, (2 बार)
अपना पराया, अपना पराया।
दिल की दिल से जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया......
मुरली की जो तान सुनाई, (2 बार)
तान सुनाई, तान सुनाई।
मन से निकले कृष्ण कन्हाई, (2 बार)
कृष्ण कन्हाई, कृष्ण कन्हाई।
लोक लाज सब छोड़ दी,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, मेरे प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया........
तेरी यमुना से जल भर लूं, (2 बार)
हाँ जल भर लूं, हाँ जल भर लूं।
मन की प्रीति तेरे संग कर लूं, (2 बार)
तेरे संग कर लूं, तेरे संग कर लूं।
प्रीति तुम संग जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, मेरे प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया ओढ़ ली, मेरे प्यारे सांवरिया।
सपना एक करो मेरा पूरा, (2 बार)
मांग भरो, बन जाओ मेरा दुल्हा। (2 बार)
प्रीत तुम संग जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया ओढ़ ली, मेरे प्यारे सांवरिया।
प्रीत तुम संग जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
लोक लाज सब छोड़ दी,
मेरे प्यारे सांवरिया।
दिल की दिल से जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया ओढ़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, मेरे प्यारे सांवरिया। (2 बार)
लाल चुनरिया ओढ़ ली मेरे प्यारे सांवरिया।
राम-कसम तू ऐसा भाया, (2 बार)
ऐसा भाया, ऐसा भाया।
भूल गई क्या अपना पराया, (2 बार)
अपना पराया, अपना पराया।
दिल की दिल से जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया......
मुरली की जो तान सुनाई, (2 बार)
तान सुनाई, तान सुनाई।
मन से निकले कृष्ण कन्हाई, (2 बार)
कृष्ण कन्हाई, कृष्ण कन्हाई।
लोक लाज सब छोड़ दी,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, मेरे प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया........
तेरी यमुना से जल भर लूं, (2 बार)
हाँ जल भर लूं, हाँ जल भर लूं।
मन की प्रीति तेरे संग कर लूं, (2 बार)
तेरे संग कर लूं, तेरे संग कर लूं।
प्रीति तुम संग जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, मेरे प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया ओढ़ ली, मेरे प्यारे सांवरिया।
सपना एक करो मेरा पूरा, (2 बार)
मांग भरो, बन जाओ मेरा दुल्हा। (2 बार)
प्रीत तुम संग जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
प्यारे सांवरिया, प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया ओढ़ ली, मेरे प्यारे सांवरिया।
प्रीत तुम संग जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
लोक लाज सब छोड़ दी,
मेरे प्यारे सांवरिया।
दिल की दिल से जोड़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया ओढ़ ली,
मेरे प्यारे सांवरिया।
लाल चुनरिया ओढ़ ली मेरे प्यारे सांवरिया
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
लाल चुनरिया ओढ़ना प्रेम, समर्पण और विवाह का प्रतीक है—यह वह क्षण है जब भक्त अपने सांवरिया (कृष्ण) से अपने दिल का रिश्ता पूरी तरह जोड़ लेता है। मन में ऐसी लगन और आकर्षण है कि अब कोई भेद, कोई दूरी, कोई लोक-लाज शेष नहीं रह जाती। सांवरिया का प्रेम इतना गहरा और मनभावन है कि अपना-पराया, दुनिया की रीत-नीति सब भुला दी जाती है। दिल की डोर अब केवल सांवरिया से बंध जाती है। मुरली की तान सुनकर मन कृष्ण-कन्हैया की ओर खिंच जाता है। उनकी बांसुरी की मधुर धुन में ऐसा जादू है कि हृदय हर सांस, हर धड़कन में बस उन्हीं को पुकारने लगता है। प्रेम में डूबकर भक्त लोक-लाज, समाज की चिंता सब छोड़ देता है—अब केवल कृष्ण का नाम, उनका प्रेम और उनकी छवि ही जीवन का केंद्र बन जाती है।
यमुना से जल भरना, राधा की भांति सांवरिया के संग प्रीत जोड़ लेना—यह भाव उस आत्मिक मिलन का है, जहाँ मन की हर चाहत, हर अभिलाषा केवल कृष्ण के साथ बंध जाती है। भक्त अपने सपनों में भी यही चाहता है कि सांवरिया उसका दुल्हा बने, उसकी मांग भरे, और यह प्रेम, यह प्रीत जीवन भर अमर रहे।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
लाल चुनरिया ओढ़ना प्रेम, समर्पण और विवाह का प्रतीक है—यह वह क्षण है जब भक्त अपने सांवरिया (कृष्ण) से अपने दिल का रिश्ता पूरी तरह जोड़ लेता है। मन में ऐसी लगन और आकर्षण है कि अब कोई भेद, कोई दूरी, कोई लोक-लाज शेष नहीं रह जाती। सांवरिया का प्रेम इतना गहरा और मनभावन है कि अपना-पराया, दुनिया की रीत-नीति सब भुला दी जाती है। दिल की डोर अब केवल सांवरिया से बंध जाती है। मुरली की तान सुनकर मन कृष्ण-कन्हैया की ओर खिंच जाता है। उनकी बांसुरी की मधुर धुन में ऐसा जादू है कि हृदय हर सांस, हर धड़कन में बस उन्हीं को पुकारने लगता है। प्रेम में डूबकर भक्त लोक-लाज, समाज की चिंता सब छोड़ देता है—अब केवल कृष्ण का नाम, उनका प्रेम और उनकी छवि ही जीवन का केंद्र बन जाती है।
यमुना से जल भरना, राधा की भांति सांवरिया के संग प्रीत जोड़ लेना—यह भाव उस आत्मिक मिलन का है, जहाँ मन की हर चाहत, हर अभिलाषा केवल कृष्ण के साथ बंध जाती है। भक्त अपने सपनों में भी यही चाहता है कि सांवरिया उसका दुल्हा बने, उसकी मांग भरे, और यह प्रेम, यह प्रीत जीवन भर अमर रहे।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
