सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया भजन
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया भजन
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया,
तेरा सुंदर गुफ़ा दे विच वास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
गल विच सिंगी हठ विच चिमटा,
पैरी सोहन खड़ावा ने,
अंग भभूत रमाई बाबे ने,
सीस ते ककिया जटावा ने,
बाबा मोर दी सवारी करदा,
रेहँदा भगता दे आस पास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
हेठ गरुणे धुना लगा के,
शिवा दा नाम धियाउँदा ए,
जिस ते बाबा कर्म कमावे,
दर्श बाबे दा पाउँदा ए,
मैं भी चल के द्वारे तेरे आ गया,
मैनु तेरे दर्श दी प्यास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
भगत प्यारे पौणाहारी दे,
चढ़ के चढ़ाईया आउंदे ने,
रोट मणि प्रशाद बना के,
सुहे झंडे चढ़ाउंदे ने,
आया चलके मैं तेरे दरबार ते,
मेरे करदे तू कारज रास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
माँ रतनो दा पाली बनके,
गऊआ नु तू चराया सी,
बनखंडी विच गऊआ चरा के,
बारह घड़िया दा कर्जा लाया सी,
जदो रतनो ने मेहना मारया,
बाबे ने किता गुफ़ा दे विच वास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
तेरा सुंदर गुफ़ा दे विच वास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
गल विच सिंगी हठ विच चिमटा,
पैरी सोहन खड़ावा ने,
अंग भभूत रमाई बाबे ने,
सीस ते ककिया जटावा ने,
बाबा मोर दी सवारी करदा,
रेहँदा भगता दे आस पास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
हेठ गरुणे धुना लगा के,
शिवा दा नाम धियाउँदा ए,
जिस ते बाबा कर्म कमावे,
दर्श बाबे दा पाउँदा ए,
मैं भी चल के द्वारे तेरे आ गया,
मैनु तेरे दर्श दी प्यास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
भगत प्यारे पौणाहारी दे,
चढ़ के चढ़ाईया आउंदे ने,
रोट मणि प्रशाद बना के,
सुहे झंडे चढ़ाउंदे ने,
आया चलके मैं तेरे दरबार ते,
मेरे करदे तू कारज रास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
माँ रतनो दा पाली बनके,
गऊआ नु तू चराया सी,
बनखंडी विच गऊआ चरा के,
बारह घड़िया दा कर्जा लाया सी,
जदो रतनो ने मेहना मारया,
बाबे ने किता गुफ़ा दे विच वास है,
तू ता सबना दी बिगड़ी सँवारदा,
मैनु तेरे ते ही आस विशवास है,
सिद्ध जोगी तू बाबा पौणाहारिया......
Sidh Jogi [Full Song] Sidh Jogi
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