रुत सौण महीने दी आई होई है भजन
रुत सौण महीने दी आई होई है भजन
रुत, सावन महीने की, आई हुई है।
मेरे, भोले ने भंग, चढ़ाई हुई है।
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, गणपति जी आए।
रिद्धि सिद्धि को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, ब्रह्मा जी आए।
ब्रह्माणी को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, विष्णु जी आए।
लक्ष्मी जी को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, भोले जी आए।
गौराँ माँ को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, राम जी आए।
सीता माता को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, श्याम जी आए।
राधा रानी को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, संगत आई।
ढोलक चिमटा, साथ लाई ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
मेरे, भोले ने भंग, चढ़ाई हुई है।
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, गणपति जी आए।
रिद्धि सिद्धि को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, ब्रह्मा जी आए।
ब्रह्माणी को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, विष्णु जी आए।
लक्ष्मी जी को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, भोले जी आए।
गौराँ माँ को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, राम जी आए।
सीता माता को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, श्याम जी आए।
राधा रानी को, साथ लाए ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
इस भंगड़े में, संगत आई।
ढोलक चिमटा, साथ लाई ॥
आज, पा लो भंगड़ा… जय हो ॥ गली गली,
आज, पा लो भंगड़ा, गली गली ॥
जय जय जय, ओ भोले, जय जय जय ॥
#sawan #bhajanरुत सौण महीने दी आई होई है मेरे भोले ने भंग चढ़ाई होई है @RSBhajanMandali7814030879
ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
|
Admin - Saroj Jangir इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स आध्यात्मिक भजन गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
