भोले नाथ जी मने भूल ना जाना शिव भजन
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना शिव भजन
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,मन्न छोड़ कर कहीं दूर ना जाना,
भोले नाथ जी मन्न भूल ना जाना,
मोहे छोड़ कर कहीं दूर ना जाना,
दिल की धड़कन बोले,
बम बम भोले जी,
भोले की सरकार,
हर जन्म मिले जी,
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,
मन्न छोड़ कर कहीं दूर ना जाना।
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,
मोहे छोड़ कर कही दूर ना जाना,
कही दूर ना जाना.
कही दूर ना जाना.
हम है तुम्हारे और तुम हो हमारे,
शक ना कोई बाबाजी,
तुझमे समाये और तुझमे रमाये।
यही एक अभिलाषा जी,
तेरे प्यार में हमे खो है जाना,
कोई फ़िक्र नई क्या कहे जमाना,
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,
मन्न छोड़ कर कहीं दूर ना जाना।
तुझ बिन कोई ना मेरा सहारा,
क्यों कही में अर्जी लगाऊ मै,
महादेव जब संग है मेरे,
दुनिया से लड़ जाऊ मै,
तेरी माया को, कोई ना जाना,
तेरे बिन लागे सब कुछ बेगाना,
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,
मन्न छोड़ कर कहीं दूर ना जाना।
मेरे पिता को मानने वाला,
काँटों पे आराम करे,
अंगारो पे सो जाए वो,
हर मुश्किल आसान लगे,
अपना रिश्ता है सदियों पुराना,
भोले का दरबार अपना ठिकाना,
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,
मन्न छोड़ कर कहीं दूर ना जाना।
पत्थर को हीरा बनाया,
उसने मुझे निखारा जी,
महादेव ने अपने हाथों,
हर पल मुझे संवारा जी,
बस इतना सा है मेरा अफसाना,
भोले के चढ़णो में मुझे खो जाना,
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना।
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,
मन्न छोड़ कर कहीं दूर ना जाना,
भोले नाथ जी मन्न भूल ना जाना,
मोहे छोड़ कर कहीं दूर ना जाना,
दिल की धड़कन बोले,
बम बम भोले जी,
भोले की सरकार,
हर जन्म मिले जी,
भोले नाथ जी मने भूल ना जाना,
मन्न छोड़ कर कहीं दूर ना जाना।
भजन श्रेणी : शिव भजन ( Shiv Bhajan) शिव जी के सभी भजन देखने के लिए क्लिक करें.
भोलेनाथ जी मने भूल न जाना l भोले की सरकार l BHOLENATH JI l PARAS BHAI JI l PARAS PARIVAR l 2023 Song
भोले नाथ को याद करते‑करते लगता है जैसे वह हमारी धड़कन से ज़्यादा करीब रहते हैं, नाम से ज़्यादा अपनापन बन जाते हैं। जब दिल पूरा उनको समाया देता है और दिमाग़ भरम छोड़ देता है, तब यह एहसास आता है कि अब बाक़ी सारी दुनिया उसी के आगे बेमायने‑सी लगती है। अगर शंकर संग हैं तो ज़िन्दगी की चाहे जितनी लड़ाइयाँ आ जाएँ, वे मुश्किलें भी आसान लगने लगती हैं, जैसे काँटों पर भी उनकी छाया में आराम मिलता है और अंगारों पे भी विश्वास की ठंढक आती है।
उन्हें यह भी कहना है कि वह कहीं दूर न जाएँ, न हमें भूल जाएँ—यह बात निकट से निकट हुए रिश्ते का ही अमल है। जिस तरह कोई प्यारा रिश्तेदार बार‑बार दोहराता है कि “तू यही रहना, मेरे पास ही रहना”, वैसे ही यहाँ भोले नाथ भी एक ही बात दोहराते हैं, बस भाषा दिल की है। उनके हाथों से निखरती तस्वीर ऐसी बनती है जैसे पत्थर में भी जीवन भर जाए; वही पत्थर धीरे‑धीरे हीरे बन जाए, और फिर उस हीरे को यही मन्नत हो कि अपने ही पूजन में, उनकी ‹भोले की सरकार› में हर जन्म दोबारा मिल जाए। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री भोले नाथ जी की।
यह भजन भी देखिये
जय हो शंकरा भोलेनाथ शंकरा भजन
धन धन भोलेनाथ बांट दिये भजन
जटाजूट नरसी अभिलिप्सा पांडा रेप सोंग