प्रभु का आत्मा मुझ पर है उसने मेरा अभिषेक भजन

प्रभु का आत्मा मुझ पर है उसने मेरा अभिषेक भजन

प्रभु का आत्मा मुझ पर है,
उसने मेरा अभिषेक किया,
प्रभु का आत्मा मुझ पर है,
उसने मेरा अभिषेक किया।

कि सुसमाचार मैं सुनाऊँ,
कंगालों को सुसमाचार मिले,
प्रभु का आत्मा मुझ पर है,
उसने मेरा अभिषेक किया।

बन्दियों को छुटकारा मिले,
अन्धों को दृष्टि मिले,
प्रभु का आत्मा मुझ पर है,
उसने मेरा अभिषेक किया।

कुचले हुए छुड़ाए जाएँ,
प्रभु का आत्मा मुझ पर है,
उसने मेरा अभिषेक किया।

कि सुसमाचार मैं सुनाऊँ,
बीमारों को चंगा करने,
दुखियों को आशा दिलाने,
श्रापों को जड़ से मिटाने,
अन्धकार से ज्योति में लाने,
प्रभु का आत्मा मुझ पर है,
उसने मेरा अभिषेक किया।


Prabhu Ka Aatma | प्रभु का आत्मा | HINDI CHRISTIAN SONG | FILADELFIA MUSIC

Lyrics by: Iyob Mavchi
Leading Vocal: Iyob Mavchi, 
Chorus:Ashley Justin, Kezia Jose, 
Neelkanth Digal, Rajesh Damor, 
Sneha Sam

जब कहा जाता है “प्रभु का आत्मा मुझ पर है”, तो यह भाव उठता है कि जिस मन पर उसकी लगाम है, वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों की भी दुख‑दारिद्र्य की दीवारें तोड़ने के लिए चलता है। अभिषेक केवल धोता नहीं, भरता भी है – भीतर की एक ऐसी ज्योति जगा देता है जो सुसमाचार की ध्वनि बनकर घर‑घर तक पहुँचती है। जब आत्मा में प्रभु का सपोर्ट होता है, तो आदमी सिर्फ बोलता नहीं, बल्कि साक्षात आशा बनकर जाता है।

अधिकार और बोलबाले की दुनिया में यह भाव चलता रहता है कि बंदियों को छुटकारा मिलना चाहिए, अँधेरे में फँसे आँखों को फिर से रोशनी दिखनी चाहिए, कुचले हुए कंधे फिर से सीधे हो जाएँ। बीमार शरीर को ठीक करना, दुखियों को उठा कर खड़ा करना, श्राप की जड़ को उखाड़ फेंकना – यही अभियान उस प्रभु की इच्छा बन जाता है जिसका आत्मा किसी इंसान पर अवतरित महसूस होता है। अंधकार से ज्योति तक पहुँच ही तो वही काम है जो इस अभिषेक का असली मकसद दिखता है। 

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