परदे के पीछे भोला है बैठे शिव भजन

परदे के पीछे भोला है बैठे शिव भजन

पर्दा है पर्दा,
पर्दा है पर्दा,
परदे के पीछे,
भोला है बैठे,
हो पर्दा हटाके जो,
दर्शन ना करलू तो,
दीवाना मेरा,
नाम नहीं है,
पर्दा है पर्दा,
परदे के पीछे,
भोला है बैठे।

बम बम भोले,
यही वो तंत्र है,
यही वो मन्त्र है,
प्रेम से जपोगे तो,
मिटेंगे सारे गम।

पर्दा है पर्दा,
पर्दा है पर्दा,
परदे के पीछे,
भोला है बैठे,
हो पर्दा हटाके जो,
दर्शन ना करलू तो,
दीवाना मेरा,
नाम नहीं है,
पर्दा है पर्दा,
परदे के पीछे,
भोला है बैठे।

बम बम भोले,
यही वो तंत्र है,
यही वो मन्त्र है,
प्रेम से जपोगे तो,
मिटेंगे सारे गम।

क्षिप्रा के तट बैठे है मेरे भोले भंडारी | Kshipra ke tat bhaithhe hai Mere Bhole Bhandari 
 
पर्दे के पीछे भोला बैठे हैं, जैसे कोई पुराना यार छिपकर देख रहा हो, इंतज़ार कर रहा हो कि कब पुकारोगे, कब आँख मिलाओगे। पर्दा हटाने की हिम्मत जो कर ले, वो दर्शन पा लेता है, और फिर वो दीवाना बन जाता है जिसका नाम भी भूल जाता है – बस बम बम भोले की धुन रह जाती है। दिल कहता है, पर्दा है तो क्या, प्रेम से पुकारो तो वो खुद सामने आ जाता है।
बम बम भोले का ये मंत्र कोई जादू नहीं, बस वो प्रेम है जो सारे गम पिघला देता है। जपते जाओ, जितना जपोगे उतना हल्का होता जाएगा मन। पर्दा चाहे कितना भी मोटा क्यों न हो, एक बार दिल से आवाज़ लगाई तो वो हट जाता है। भोला बैठा है, सुन रहा है हर सांस, हर पुकार। बस थोड़ा सा प्रेम लगाओ, सारे दुख अपने आप मिटने लगते हैं। 
 
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