मेरा कसूर क्या है इतना जरा भजन
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे,
बेटा हूँ मैं तुम्हारा,
बेटे को ना सजा दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
मैं दूर होके तुझसे,
रहने कभी ना पाऊं,
जी चाहता है इस पल,
दरबार तेरे आऊं,
नाकामियों का ऐसा,
मुझको ना तू सिला दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
इस दिल ने तुमको चाहा,
क्या ये कसूर मेरा,
तेरे लिए है तड़पा,
और रोया दिल ये मेरा,
ये मोम का बना है,
पत्थर इसे बना दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
माना है कितनी कमियां,
मुझमे ऐ मेरे दाता,
बच्चा समझ के उनको,
तू भूल क्यों ना जाता,
इस हर्ष के तू दिल से,
भूलें सभी भुला दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे,
बेटा हूँ मैं तुम्हारा,
बेटे को ना सजा दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
इतना जरा बता दे,
बेटा हूँ मैं तुम्हारा,
बेटे को ना सजा दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
मैं दूर होके तुझसे,
रहने कभी ना पाऊं,
जी चाहता है इस पल,
दरबार तेरे आऊं,
नाकामियों का ऐसा,
मुझको ना तू सिला दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
इस दिल ने तुमको चाहा,
क्या ये कसूर मेरा,
तेरे लिए है तड़पा,
और रोया दिल ये मेरा,
ये मोम का बना है,
पत्थर इसे बना दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
माना है कितनी कमियां,
मुझमे ऐ मेरे दाता,
बच्चा समझ के उनको,
तू भूल क्यों ना जाता,
इस हर्ष के तू दिल से,
भूलें सभी भुला दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे,
बेटा हूँ मैं तुम्हारा,
बेटे को ना सजा दे,
मेरा कसूर क्या है,
इतना जरा बता दे।
➤Album :- Shyam Itni Daya Kijiye
➤Song :- Mera Kasoor Kya Hai
➤Singer :- Anil Sharma
➤Music :- Anil Sharma, Rajnish Sharma
➤Writer :- Harsh Ji
➤ Label :- Vianet Media
➤ Sub Label :- Saawariya
➤ Parent Label (Publisher) :- Shubham Audio Video Private Limited
56468-DVT_SWR
➤Song :- Mera Kasoor Kya Hai
➤Singer :- Anil Sharma
➤Music :- Anil Sharma, Rajnish Sharma
➤Writer :- Harsh Ji
➤ Label :- Vianet Media
➤ Sub Label :- Saawariya
➤ Parent Label (Publisher) :- Shubham Audio Video Private Limited
56468-DVT_SWR
बिना किसी सजा के, केवल प्यार और ममता की उम्मीद करते हैं। दूर रहना और फिर भी उस दिव्य शक्ति के दरबार में आने की तीव्र इच्छा उनके हृदय को व्याकुल कर देती है। यह भाव देता है कि जीवन में विफलताओं और कमजोरी के बावजूद, प्रेम और श्रद्धा से सब कुछ सुधारा जा सकता है।
भावना व्यक्त करती है कि जो दिल किसी के लिए धड़कता है, वह उसके लिए रोता भी है, और इसी प्रेम के कारण कभी-कभी मन पत्थर जैसा कठोर हो जाता है, लेकिन अंततः ममता और प्यार के आगे सबकुछ झुक जाता है। इस गीत में यह भी कहा गया है कि मालिक अपने भक्तों को बच्चे की तरह समझकर उनकी कमजोरियों को भूल जाता है और उन्हें पुनः स्नेह और अपनत्व से भर देता है।
