जादू भरी है बनवारी श्याम मुरली तुम्हारी भजन
जादू भरी है बनवारी श्याम मुरली तुम्हारी भजन
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
लुटे चैन मेरी, निंदिया उड़ाए
जब जब तू इसे अधर लगाए
जादू में रैना सारी
ओ बांके बिहारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
संग रहे तुम्हरे सदा सांवरिया
बैरन भई कान्हा तुम्हरी मुरलिया
बहुत ही तुमको प्यारी
श्याम मुरली तुम्हारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
जा रे ओ नटखट, तोसे ना बोलूँ
सुन के बांसुरिया कबहुँ ना डोलूँ
जाओ हटो दूँगी गारी
ओ बांके बिहारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
लुटे चैन मेरी, निंदिया उड़ाए
जब जब तू इसे अधर लगाए
जादू में रैना सारी
ओ बांके बिहारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
संग रहे तुम्हरे सदा सांवरिया
बैरन भई कान्हा तुम्हरी मुरलिया
बहुत ही तुमको प्यारी
श्याम मुरली तुम्हारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
जा रे ओ नटखट, तोसे ना बोलूँ
सुन के बांसुरिया कबहुँ ना डोलूँ
जाओ हटो दूँगी गारी
ओ बांके बिहारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
श्याम मुरली तुम्हारी
जादू भरी है बनवारी
श्याम मुरली तुम्हारी।
जादू भरी है बनवारी श्याम मुरली तुम्हारी ! Jadoo Bari Hai Banwari Murli Tumhari ! Puneet Khurana
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
श्याम की मुरली की तान ऐसी जादुई है कि सुनते ही मन उसमें खो जाता है। जब भी वह बांसुरी को अधरों से लगाता है, चैन और नींद उड़ जाते हैं, और सारी रात बस उसकी धुन में डूबने को जी चाहता है। यह मुरली केवल संगीत नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति का वह रस है, जो मन को बाँके बिहारी के चरणों तक ले जाता है। उसकी हर तान में एक अनोखा आकर्षण है, जो मन को बेकरार कर देता है। चाहकर भी उससे दूर रहा नहीं जाता, और मन बार-बार उसकी ओर खिंचता चला जाता है। मुरली की धुन में वह शक्ति है, जो हर बंधन को तोड़ देती है, और मन को श्याम के रंग में रंग देती है। नटखट श्याम की यह बांसुरी इतनी प्यारी है कि उसे सुनकर मन डोल उठता है, और सारी दुनिया भूल जाती है।
बाँके बिहारी, हमारे प्यारे श्याम, जिनकी मुरली की तान हर भक्त के हृदय को छू लेती है, वे हिंदू धर्म में प्रेम और लीलाओं के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से मन का हर दुख मिट जाता है, और जीवन में आनंद की लहर दौड़ पड़ती है। नटखट और मुरलीधर के रूप में वे भक्तों के मन को मोह लेते हैं, और उनकी लीलाएँ अनंत हैं। वृंदावन के राजा, जो राधा के साथ रास रचाते हैं, वे हर भक्त के हृदय में बसते हैं। उनकी मुरली की धुन भक्ति का वह सागर है, जो आत्मा को शांति देता है। हम भक्तों के लिए वे दया के सागर हैं, जिनके चरणों में सिर झुकाकर जीवन धन्य हो जाता है। उनकी कृपा से हर मन की तड़प शांत होती है, और भक्ति का रास्ता सदा प्रकाशमय रहता है।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
श्याम की मुरली की तान ऐसी जादुई है कि सुनते ही मन उसमें खो जाता है। जब भी वह बांसुरी को अधरों से लगाता है, चैन और नींद उड़ जाते हैं, और सारी रात बस उसकी धुन में डूबने को जी चाहता है। यह मुरली केवल संगीत नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति का वह रस है, जो मन को बाँके बिहारी के चरणों तक ले जाता है। उसकी हर तान में एक अनोखा आकर्षण है, जो मन को बेकरार कर देता है। चाहकर भी उससे दूर रहा नहीं जाता, और मन बार-बार उसकी ओर खिंचता चला जाता है। मुरली की धुन में वह शक्ति है, जो हर बंधन को तोड़ देती है, और मन को श्याम के रंग में रंग देती है। नटखट श्याम की यह बांसुरी इतनी प्यारी है कि उसे सुनकर मन डोल उठता है, और सारी दुनिया भूल जाती है।
बाँके बिहारी, हमारे प्यारे श्याम, जिनकी मुरली की तान हर भक्त के हृदय को छू लेती है, वे हिंदू धर्म में प्रेम और लीलाओं के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से मन का हर दुख मिट जाता है, और जीवन में आनंद की लहर दौड़ पड़ती है। नटखट और मुरलीधर के रूप में वे भक्तों के मन को मोह लेते हैं, और उनकी लीलाएँ अनंत हैं। वृंदावन के राजा, जो राधा के साथ रास रचाते हैं, वे हर भक्त के हृदय में बसते हैं। उनकी मुरली की धुन भक्ति का वह सागर है, जो आत्मा को शांति देता है। हम भक्तों के लिए वे दया के सागर हैं, जिनके चरणों में सिर झुकाकर जीवन धन्य हो जाता है। उनकी कृपा से हर मन की तड़प शांत होती है, और भक्ति का रास्ता सदा प्रकाशमय रहता है।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
