आजा पोनाहारिया काहनु देर तू लगाई भजन
आजा पोनाहारिया काहनु देर तू लगाई भजन
गुफ़ा तेरी दे आगे खड़के,
भक्तां अर्ज़ लगाई।
धूप दीप दी जोत जगा के,
आरती तेरी गाई॥
ओ आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा दूधाधारिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा धूणे वालिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा चिमटे वालिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा झोली वालिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा, आजा, इक वारी आजा।
विच संगत दे फेरा पा जा।
ओ विच तलाइयाँ फेरा पा जा।
जे जोगी तूँ आ जावें मेरी,
हो जाए सफल कमाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
भक्त तेरे ने तैनूं बुलांदे,
मिन्नतां कर कर तरले पांदे।
ओ विच मंदिर दे संगतां दी वी,
सुण लै अज्ज दुहाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
भक्तां नूं विश्वास तेरे ते,
संगतां दी हर आस तेरे ते।
ओ धूणा रमा के, चौकी ला के,
तैनूं आवाज़ लगाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
हुण ते तैनूं आऊणा पैणा,
बच्च्यां ते करम कमाऊणा पैणा।
ओ जोत जगा के, धूप धुखा के,
मूरत फुल्लां नाल सजाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
मोर सवारी करके आजा,
भक्तां नूं आ के दरश दिखा जा।
ओ रोट चढ़ा के, भोग लगा के,
आरती तेरी गाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
गुफ़ा तेरी दे अज़ब नज़ारे,
भेंटां गाऊंदे भक्त प्यारे।
ओ ढोल बजा के, चिमटा बजा के,
तेरी जै जैकार बुलाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
विच गुफ़ा दे डेरा तेरा,
करके दरशन जाणा तेरा।
ओ हुण ते आजा गुफ़ा वालिया,
साड़े सुत्ते भाग जगाईं।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
भक्तां अर्ज़ लगाई।
धूप दीप दी जोत जगा के,
आरती तेरी गाई॥
ओ आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा दूधाधारिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा धूणे वालिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा चिमटे वालिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा झोली वालिया, काहनूं देर तूँ लगाई।
ओ आजा, आजा, इक वारी आजा।
विच संगत दे फेरा पा जा।
ओ विच तलाइयाँ फेरा पा जा।
जे जोगी तूँ आ जावें मेरी,
हो जाए सफल कमाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
भक्त तेरे ने तैनूं बुलांदे,
मिन्नतां कर कर तरले पांदे।
ओ विच मंदिर दे संगतां दी वी,
सुण लै अज्ज दुहाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
भक्तां नूं विश्वास तेरे ते,
संगतां दी हर आस तेरे ते।
ओ धूणा रमा के, चौकी ला के,
तैनूं आवाज़ लगाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
हुण ते तैनूं आऊणा पैणा,
बच्च्यां ते करम कमाऊणा पैणा।
ओ जोत जगा के, धूप धुखा के,
मूरत फुल्लां नाल सजाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
मोर सवारी करके आजा,
भक्तां नूं आ के दरश दिखा जा।
ओ रोट चढ़ा के, भोग लगा के,
आरती तेरी गाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
गुफ़ा तेरी दे अज़ब नज़ारे,
भेंटां गाऊंदे भक्त प्यारे।
ओ ढोल बजा के, चिमटा बजा के,
तेरी जै जैकार बुलाई।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
विच गुफ़ा दे डेरा तेरा,
करके दरशन जाणा तेरा।
ओ हुण ते आजा गुफ़ा वालिया,
साड़े सुत्ते भाग जगाईं।
आजा पौणाहारिया, काहनूं देर तूँ लगाई॥
आजा पोनाहारिया काहनु देर तू लगाई
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