निर्धन की रामरमी लेले दादा खेड़े

निर्धन की रामरमी लेले दादा खेड़े


निर्धन की रामरमी,
ले ले दादा खेड़े,
श्रद्धा के फूल देऊँ,
ना भोग म्ह पेड़े।।

हल्दी का तिलक करूँ,
लिए मान इसे चंदन,
स्वीकार करो स्वामी,
चरणों में मेरा वंदन,
दयावान दया करकै,
तुम पार करो बेड़े,
श्रद्धा के फूल देऊँ,
ना भोग म्ह पेड़े।।

तू जाणै स दादा,
सब की लाचारी ना,
मनै सुणी तू अपनावै,
निष्छल पुजारी ना,
अपने ऊपर झेले,
भगतान के उलझेड़े,
श्रद्धा के फूल देऊँ,
ना भोग म्ह पेड़े।।

पंछी बनकै मनवा,
मेरा डोलै तेरे आग्गै,
तेरी चौखट की माटी,
मनै सोने सी लागै,
तेरे दर के लाऊँ सूँ,
दिन म कईं कईं घेड़े,
श्रद्धा के फूल देऊँ,
ना भोग म्ह पेड़े।।

तेरी बगिया का भंवरा,
यो गजेन्द्र कुड़लणिया,
लक्की शर्मा न भी तेरा,
शरणा आण लया,
ना दूर कदे करिए,
तू रखिए सदा नेड़े,
श्रद्धा के फूल देऊँ,
ना भोग म्ह पेड़े।।

निर्धन की रामरमी,
ले ले दादा खेड़े,
श्रद्धा के फूल देऊँ,
ना भोग म्ह पेड़े।।


निर्धन की राम रमी लेले दादा खेड़े || Lucky Picholia || New 2025 Dada Khera Bhajan | Golden Music

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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