नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आप सभी का मेरी इस पोस्ट में। आज हम आपको एक बेहद प्रेरक कहानी सुनाने जा रहे हैं, जो ना केवल मनोरंजक है बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण सबक भी सिखाती है। यह कहानी है सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की, जो हमें सिखाती है कि संतोष और धैर्य का जीवन में कितना महत्व है। साथ ही हमें यह भी सिखाती है कि हमें लालच नहीं करना चाहिए। धैर्य से हमारे साधनों का उपयोग करना चाहिए और प्रगति के रास्ते पर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कहानी
किसी छोटे से गांव में एक गरीब किसान अपने परिवार के साथ रहता था। वह दिनभर खेतों में मेहनत करता, फिर भी परिवार की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं। आर्थिक तंगी से जूझते हुए किसान हमेशा चिंतित रहता और आय के नए साधनों के बारे में सोचता रहता। लेकिन उसे कोई राह नजर नहीं आती थी और वह अपने दिन इन्हीं परेशानियों में गुजार रहा था।
किसान को परेशान देखकर एक दिन उसके एक दोस्त ने उसे सलाह दी, "तुम खेती के साथ मुर्गी पालन भी शुरू करो। मुर्गियों के अंडे बेचकर तुम अच्छी कमाई कर लेना।" किसान बोला, "लेकिन मेरे पास मुर्गी खरीदने के भी पैसे नहीं हैं।" उसके दोस्त ने मदद की पेशकश करते हुए कहा, "चिंता मत करो। कुछ पैसे मैं तुम्हें उधार दे देता हूं। मुर्गियां खरीद लो और बाद में पैसे लौटा देना।" दोस्त की इस बात पर किसान तैयार हो गया।
अगले दिन किसान पैसे लेकर बाजार गया और वहां से सात मुर्गियां खरीद लाया। बची हुई रकम से वह मुर्गियों के लिए दाना भी ले आया। घर पहुंचते ही उसने अपनी पत्नी से कहा, "देखो, मैं मुर्गियां ले आया हूं। इन्हें अच्छे से दाना-पानी देना। कल से इनके अंडे बेचकर कुछ कमाई होने लगेगी।" पत्नी ने मुर्गियों का ख्याल रखा, और अगले ही दिन एक हैरान कर देने वाली घटना हुई। उन मुर्गियों में से एक ने सोने का अंडा दिया। सोने का अंडा देखकर किसान की पत्नी बहुत खुश हुई।
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जब किसान को यह बात पता चली, तो वह खुशी से उछल पड़ा। उसने सोने का अंडा देखा और उसकी आंखें चमक उठीं। वह सोचने लगा कि अब उसका जीवन पूरी तरह बदल जाएगा। किसान और उसकी पत्नी ने सोने का अंडे बाजार में बेचे और उनसे ढेर सारे पैसे कमाए। धीरे-धीरे उनका जीवन स्तर बेहतर होने लगा। अब किसान के घर में खूब धन दौलत हो गई थी और उसे कोई भी आर्थिक समस्या नहीं थी।
परंतु इस खुशहाली के बीच किसान के मन में लालच पैदा हो गया। उसने सोचा, "अगर यह मुर्गी हर दिन एक अंडा देती है, तो क्यों न इसके पेट से सारे अंडे एक ही बार में निकाल लिए जाएं।" किसान ने अपनी पत्नी से यह बात कही, तो वह भी लालच में आ गई। उन्होंने मिलकर मुर्गी का पेट चीरने का फैसला कर लिया।
मुर्गी का पेट चीरते ही वह मर गई, लेकिन उसके अंदर से कोई अंडा नहीं निकला। किसान और उसकी पत्नी को अपनी गलती का एहसास हुआ, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनकी लालच ने न केवल मुर्गी की जान ले ली, बल्कि सोने का अंडा पाने का साधन भी खत्म कर दिया।
इस प्रकार किसान और उसकी पत्नी के लालच ने उनका बहुत बड़ा नुकसान कर दिया। जिस मुर्गी से वह रोज एक-एक सोने का अंडा लेकर अपने जीवन को उच्च स्तर पर ले जा सकते थे, उसे मुर्गी को मार कर वह वापस उसी रास्ते पर आ गए। यह कहानी हमें यह शिक्षा देती है कि कभी भी लालच नहीं करना चाहिए। लालच में आकर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करना चाहिए इससे हमेशा हमें नुकसान ही प्राप्त होता है।
कहानी से शिक्षा
यह कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में लालच नहीं करना चाहिए। संतोष और धैर्य से ही जीवन सुखमय होता है। जो हमारे पास है, उसका सही उपयोग करें और उसे खोने की भूल न करें। याद रखें, लालच बुरी बला है।
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