मोल तोल नहीं है भजन में भक्ति करें भगवान
मोल तोल नहीं है भजन में भक्ति करें भगवान
मोल-तोल नहीं है भजन में,
भक्ति करें भगवान की
शब्दों का जो अर्थ न जाने,
ऐसी भक्ति किस काम की।
कंठी-माला तिलक लगा ले,
बिन गुरु चोटी किस काम की
रसोई खाए दूध न देवे,
वो जोड़ी किस काम की।
माता-पिता की सेवा न करे,
वो संतान किस काम की
अरे, मरने के बाद लड्डू गुड़काए,
ऐसी शान किस काम की।
सोने की बाली कान कटवा ले,
वो बाली किस काम की
अरे, मीरा पहने तुलसी माला,
माला फेरे श्याम की।
मुँडे मुंडाए पेट में गाँठ हो,
वो यारी किस काम की
अरे, बार-बार पंक्चर हो जाए,
वो गाड़ी किस काम की।
चिकने चेहरे वाला जागरण करे,
माताजी के नाम की
अरे, बड़े-बड़े कई सिंगर आएं,
पहचान हो नाम की।
गुरु देव फरमाते रहते,
रखो काया चाम की
अरे, भोला बन नहीं रहना राणा,
माया नहीं किसी काम की।
मोल-तोल नहीं है भजन में,
भक्ति करें भगवान की
शब्दों का जो अर्थ न जाने,
ऐसी भक्ति किस काम की।
भक्ति करें भगवान की
शब्दों का जो अर्थ न जाने,
ऐसी भक्ति किस काम की।
कंठी-माला तिलक लगा ले,
बिन गुरु चोटी किस काम की
रसोई खाए दूध न देवे,
वो जोड़ी किस काम की।
माता-पिता की सेवा न करे,
वो संतान किस काम की
अरे, मरने के बाद लड्डू गुड़काए,
ऐसी शान किस काम की।
सोने की बाली कान कटवा ले,
वो बाली किस काम की
अरे, मीरा पहने तुलसी माला,
माला फेरे श्याम की।
मुँडे मुंडाए पेट में गाँठ हो,
वो यारी किस काम की
अरे, बार-बार पंक्चर हो जाए,
वो गाड़ी किस काम की।
चिकने चेहरे वाला जागरण करे,
माताजी के नाम की
अरे, बड़े-बड़े कई सिंगर आएं,
पहचान हो नाम की।
गुरु देव फरमाते रहते,
रखो काया चाम की
अरे, भोला बन नहीं रहना राणा,
माया नहीं किसी काम की।
मोल-तोल नहीं है भजन में,
भक्ति करें भगवान की
शब्दों का जो अर्थ न जाने,
ऐसी भक्ति किस काम की।
भजन का मूल भाव सच्ची भक्ति को प्रकट किया गया है। बाहरी आडंबर, जैसे कंठी-माला पहनना, तिलक लगाना या बड़ी-बड़ी बातों का दिखावा करना, तब तक व्यर्थ है जब तक मन में सच्ची भक्ति न हो। माता-पिता की सेवा, गुरु का आदर और सच्चे मन से भगवान की आराधना ही असली भक्ति है। भजन यह भी समझाता है कि मृत्यु के बाद किए गए दिखावटी कर्मकांडों का कोई लाभ नहीं, बल्कि जीवन में सही मार्ग अपनाना ही सार्थक है। भक्ति बिना स्वार्थ और लोभ की होनी चाहिए, क्योंकि धन, दिखावा और दुनिया की मोह-माया अंततः किसी काम की नहीं होती।
मोल तोल नहीं है भजना मे भक्ति करे भगवान की, शब्दा को ये अर्थ नी जाणे | Jagdish Ji Vaishnav | Chiksi
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Bhajan - मोल तोल नहीं है भजना मे भक्ति करे भगवान की, शब्दा को ये अर्थ नी जाणे असी भक्ति कई काम की
Singer - Jagdish Ji Vaishnav
Sound - Hinglaj Sound Udaipur Kishan Patel
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Sound - Hinglaj Sound Udaipur Kishan Patel
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Author - Saroj Jangir
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