सांवऱिया नंदकिशोर मेरी साड़ी पे रंग भजन

सांवऱिया नंदकिशोर मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो


सांवऱिया नंदकिशोर, 
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...
सांवऱिया नंदकिशोर, 
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...

हरा, लाल, रंग, नीला, पीला —
ऐसा है वो छैल छबीला,
वो बांका है चितचोर, चितचोर —
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...
सांवऱिया नंदकिशोर, 
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...

मैं बहुत कहा, पर ना माना —
मनमानी करे है वो दीवाना,
वो प्यारा नंदकिशोर, किशोर —
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...
सांवऱिया नंदकिशोर, 
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...

पनघट पर मुझको छेड़त है,
दूध-दही और माखन लूटत है,
वो नटखट नंदकिशोर, किशोर —
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...
सांवऱिया नंदकिशोर, 
मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो...


होली भजन | सांवरिया नन्द किशोर मेरी साड़ी पे रंग डाल गयो | Krishna Bhajan | Holi Bhajan With Lyrics

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
सांवरे नंदकिशोर की शरारतों और उनकी रंगीन मस्तियों का चित्रण यहाँ मन को आनंदित कर देता है। उनके द्वारा साड़ी पर डाले गए रंग, केवल रंग नहीं, बल्कि प्रेम, उमंग और भक्ति के प्रतीक बन जाते हैं। हरे, लाल, नीले, पीले रंगों की छटा उनके छैल-छबीले स्वभाव को दर्शाती है, जिसमें हर रंग के साथ प्रेम और आकर्षण की मिठास घुली हुई है। सांवरे की मनमौजी और दीवानी प्रवृत्ति, हर आग्रह के बावजूद अपनी मस्ती में खोए रहने का भाव, उनके बाल-सुलभ चंचल स्वभाव को उजागर करता है। नंदकिशोर की यह शरारतें, उनके प्रति मन में गहरे प्रेम और अपनापन का एहसास कराती हैं।
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post